सही समय पर समस्या का ज्ञान,यही है ऑटिज्म का समाधान
हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा। सही समय पर बच्चे में ऑटिज्म के लक्षण को पहचान कर इलाज (थैरपी आदि) करना ही इसका समाधान है। ऑटिज्म से पीड़ित बच्चे भी सामान्य बच्चों की तरह जीवन जी सकते हैं, बशर्ते उन्हें सही सलाह और मार्गदर्शन मिले। इसमें अभिभावकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों के अभिभावकों को जागरूकता शिविर में यह बात गार्गी रिहैब सेंटर के संचालक डॉ.विशाल त्रिपाठी ने कही।
पश्चिमपुरी स्थित गार्गी रिहैब सेंटर में ऑटिज़्म जागरूकता एवं निःशुल्क परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य अभिभावकों में ऑटिज़्म के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा बच्चों में प्रारंभिक लक्षणों की पहचान कर उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करना था। इस अवसर पर आगरा के प्रख्यात शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ अतुल बंसल, डॉ अभिषेक गुप्ता, डॉ मनीष सिंह, डॉ ऋषि बंसल क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ.ममता यादव,ऑटिज़्म विशेषज्ञ डॉ.विशाल त्रिपाठी स्पीच थेरेपिस्ट डॉ.विवेक त्रिपाठी, रेकी थेरेपिस्ट एवं काउंसलर श्रीमती पूजा त्रिपाठी, सीनियर थेरेपिस्ट आरती शर्मा, थेरेपिस्ट पूजा ठाकुर, स्पेशल एजुकेटर एवं उनकी टीम उपस्थित रही, जिन्होंने बच्चों का आकलन किया और अभिभावकों को आवश्यक परामर्श प्रदान किया। विशेषज्ञों ने बताया कि ऑटिज़्म व बच्चे के विकास से सम्बंधिक समस्याओं की समय पर पहचान और शीघ्र इलाज से बच्चों में बेहतर सुधार संभव है।
शिविर में आए अभिभावकों को बच्चों के व्यवहार, संचार, ध्यान एवं सामाजिक कौशल से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। शिविर में उपस्थित अभिभावकों ने इस पहल की सराहना की और इसे बच्चों के भविष्य के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।इस अवसर पर मुख्य रूप से डॉ. पंकज माथुर, राजेश सिंह, पंकज सिंह, गौरव गुप्ता, नाजमा आदि उपस्थित थे।

