श्री कृष्ण नाम की अनहद गूंज में डूबा आगरा,डिवोशन बियोंड बाउंड्रीज भजन कॉन्सर्ट ने बांधा भक्ति का समां

 


अंतर्राष्ट्रीय भजन गायिका हरि कांता देवी दासी की कृष्ण धुनों पर झूमे श्रद्धालु,युवाओं ने पाया आत्मिक शांति का मार्ग

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा। सिर्फ एक धुन कृष्ण धुन, सिर्फ एक नाम कृष्ण का नाम, हर ओर सिर्फ कृष्ण कृष्ण और कुछ भी ना इसके अलावा। जैसे ही धुन छिड़ी कृष्ण नाम की वैसे ही कदम अपने आप थिरकने लगे। मन एक सुकून भरी शांति में डूब गया और नेत्र भक्ति प्रेम से निर्झर बहने लगे....भक्ति, संगीत और आत्मिक आनंद का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला,जब डिवोशन बियोंड बाउंड्रीज के अंतर्गत आगरा में पहली बार आयोजित अनहद भजन कॉन्सर्ट ने पूरे शहर को कृष्णमय कर दिया। राव कृष्ण पाल सिंह सभागार,खंदारी में आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धालु श्रीकृष्ण नाम की अनहद ध्वनि में लीन रहे।

द आगरा जैमिंग क्लब एवं इस्कॉन आगरा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अनहद भजन कॉन्सर्ट में केन्या (अफ्रीका) से पधारीं भक्ति गायिका हरि कांता देवी दासी ने अपनी मधुर वाणी से कृष्ण भजनों और संकीर्तन की ऐसी रसधारा प्रवाहित की कि उपस्थित जनसमूह भावविभोर होकर झूम उठा। “हरे कृष्ण” की गूंज से पूरा सभागार भक्तिरस में सराबोर हो गया।

कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाचरण से हुई। दीप प्रज्वलन एचजी अरविंद स्वरूप दास, डीसीपी अभिषेक अग्रवाल, नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल, डॉ रंजना बंसल, संजीव मित्तल, अशु मित्तल ने किया। 

इसके पश्चात जैसे ही गोविंद बोलो गोपाल बोलो, हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे जैसे भजन आरंभ हुए, वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। युवाओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति इस बात का प्रमाण रही कि आज की पीढ़ी भी अपनी संस्कृति और भक्ति से गहराई से जुड़ना चाहती है।

हरि कांता देवी दासी ने अपने संदेश में कहा कि आज का समय बाहरी उपलब्धियों का नहीं, बल्कि आंतरिक जागरण का है। हम जितना बाहर की दुनिया को संवारने में लगे हैं, उतना ही अपने भीतर की शांति से दूर होते जा रहे हैं। श्रीकृष्ण भक्ति हमें अपने वास्तविक स्वरूप से जोड़ती है और यही हमारे जीवन की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि भक्ति कोई बंधन नहीं, बल्कि एक ऐसी स्वतंत्रता है, जहाँ आत्मा को सच्चा आनंद मिलता है। जब हम “हरे कृष्ण” नाम का संकीर्तन करते हैं,तो वह केवल शब्द नहीं रहता,बल्कि हमारी चेतना को शुद्ध करने वाली दिव्य शक्ति बन जाता है।

कार्यक्रम के संयोजक अशु मित्तल ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं को भक्ति के माध्यम से सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करना और उन्हें अपनी संस्कृति से जोड़ना है। इस अनूठे भजन कॉन्सर्ट ने यह सिद्ध कर दिया कि भक्ति की कोई सीमा नहीं होती, यह हर दिल को छूती है और हर आत्मा को जोड़ती है।

द जैमिंग क्लब ऑफ आगरा की संस्थापक रिया अग्रवाल ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग भक्ति के इस दिव्य अनुभव से जुड़ सकें। भजन कॉन्सर्ट की संगत में द जैमिंग क्लब ऑफ आगरा के पार्थ चौहान, प्रियांशु कृष्णा, अभिषेक शुक्ला शामिल रहे।

इस अवसर पर अदिति गौरांगी देवी दासी,नलिनी गोपिका दास, श्रीरिशा निम्माकायला, डॉ परिणीता बंसल मीनाक्षी मोहन तनुजा मांगलिक आदि उपस्थित रहे।