हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा : ईसाई पंचांग के पवित्र सप्ताह के अंतर्गत ईस्टर-पूर्व गुड फ्राइडे का पर्व आज शहर के सभी गिरजाघरों में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं धार्मिक विधि-विधान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर प्रभु यीशु मसीह के क्रूस पर दिए गए बलिदान को स्मरण करते हुए श्रद्धालुओं ने उपवास, प्रार्थना एवं आत्ममंथन किया।
निष्कलंक माता महागिरजाघर,आगरा में आयोजित विशेष प्रार्थना सभा (मिस्सा बलिदान) अत्यंत गरिमामय एवं आध्यात्मिक वातावरण में सम्पन्न हुई। महाधर्माध्यक्ष आर्चबिशप डॉ.राफी मंजलि ने अपने संदेश में गुड फ्राइडे के महत्व पर गहन मनन-चिंतन प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह दिन प्रभु यीशु के असीम प्रेम, त्याग, क्षमा और मानवता के उद्धार का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि प्रभु यीशु ने समस्त मानव जाति के पापों के प्रायश्चित हेतु स्वयं को बलिदान कर दिया और हमें प्रेम, दया एवं क्षमा का मार्ग दिखाया।प्रार्थना सभा के दौरान पवित्र वचनों का वाचन, विशेष प्रार्थनाएं एवं क्रूस वंदना (विनरेशन ऑफ द क्रॉस) की गई, जिसमें श्रद्धालुओं ने अत्यंत श्रद्धा के साथ भाग लिया। गिरजाघर का वातावरण पूर्णतः शांति, गंभीरता और भक्ति से ओत-प्रोत रहा। फादर डॉनी, फादर राजन दास, फादर मिरांडा एवं फादर शाजी की गायक मंडली द्वारा प्रस्तुत किए गए मार्मिक भजनों एवं आध्यात्मिक गीतों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रभु के बलिदान की गहराई का अनुभव कराया। भजनों के माध्यम से प्रभु यीशु की पीड़ा, करुणा और उनके प्रेममय संदेश को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया, जिससे पूरा परिसर भावविभोर हो उठा।
वहीं, प्रतापपुर स्थित सेंट मैरी चर्च में भी गुड फ्राइडे के अवसर पर विशेष प्रार्थना सभा एवं क्रूस यात्रा का भव्य एवं श्रद्धापूर्ण आयोजन किया गया। प्रातः से ही श्रद्धालुओं का गिरजाघर में आना प्रारंभ हो गया था, जहां उन्होंने मौन प्रार्थना एवं ध्यान के माध्यम से प्रभु यीशु के कष्टों को स्मरण किया।
यहां आयोजित क्रूस यात्रा (स्टेशन्स ऑफ द क्रॉस) विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें प्रभु यीशु के कष्टमय मार्ग के 12 पड़ावों का क्रमबद्ध एवं जीवंत चित्रण किया गया। फादर अजय एवं फादर विन्सेंट के निर्देशन में सम्पन्न इस यात्रा में यह दर्शाया गया कि किस प्रकार प्रभु यीशु को कोड़ों से पीटते हुए, अपमानित करते हुए क्रूस तक ले जाया गया और अंततः उन्हें सूली पर चढ़ा दिया गया। श्रद्धालुओं ने प्रत्येक पड़ाव पर रुककर प्रार्थना की और प्रभु के कष्टों पर मनन किया। इस दौरान वातावरण अत्यंत भावुक एवं करुणामय हो गया। इन दृश्यों को देखकर अनेक श्रद्धालु अपने आंसू नहीं रोक सके और प्रभु के बलिदान को हृदय से अनुभव किया। बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों ने भी इस यात्रा में भाग लेकर अपनी आस्था प्रकट की। इसके अतिरिक्त, आगरा छावनी स्थित सेंट पैट्रिक्स चर्च में फादर वर्गीस कुन्नाथ, फादर सनी एवं फादर असीम द्वारा विशेष प्रार्थना सम्पन्न कराई गई। वहीं, कौलाखा स्थित सेंट जुड्स चर्च में फादर राफी एवं फादर रोशन द्वारा श्रद्धालुओं के साथ प्रार्थना की गई।
क्रिश्चियन समाज सेवा सोसायटी के अध्यक्ष डेनिस सिल्वेरा ने बताया कि गुड फ्राइडे का दिन हम सभी के लिए आत्मचिंतन एवं त्याग का संदेश लेकर आता है। इस दिन सभी श्रद्धालु उपवास रखते हैं और प्रभु यीशु के बलिदान को स्मरण करते हैं। उन्होंने कहा कि हम उस जीवित परमेश्वर में विश्वास करते हैं, जो तीसरे दिन पुनर्जीवित हुए, और उसी आनंद में हम ईस्टर पर्व मनाते हैं। ईस्टर पर्व की विशेष प्रार्थना शनिवार रात्रि 11:30 बजे से प्रारंभ होगी तथा रात्रि 12:00 बजे प्रभु यीशु के पुनरुत्थान (जी उठने) का उल्लासपूर्ण उत्सव मनाया जाएगा।
रिपोर्ट - असलम सलीमी


