तेरहमोरी बांध के पुनरुद्धार की उम्मीद जगी,गेटों की मरम्मत का एस्टीमेट बनाने के निर्देश

 


भूजल स्तर सुधारने और आगरा के वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में मिलेगी मदद

हिन्दुस्तान वार्ता। ✍️ राजीव सक्सेना

आगरा। फतेहपुर सीकरी क्षेत्र की प्रमुख जलसंचय संरचना ‘तेरहमोरी बांध’ को फिर से सुचारू किए जाने की संभावनाएं तेज हो गई हैं। जिला सिंचाई बंधु की 12 मई को आयोजित बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष डा.मंजू भदौरिया ने सिंचाई विभाग को बांध के गेटों की मरम्मत और मूल संरचना के अनुरक्षण कार्य का एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से कार्य शुरू करने हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए पत्राचार करने को कहा गया है।

डा.मंजू भदौरिया ने कहा कि ताज ट्रिपेजियम जोन के अंतर्गत आने वाला तेरहमोरी बांध जनपद की सबसे महत्वपूर्ण जल संचय संरचनाओं में से एक है। मानसून के दौरान इसमें जलसंचय नहीं होने से फतेहपुर सीकरी क्षेत्र का भूजल स्तर लगातार गिर रहा है। अनेक गांवों में हैंडपंप निष्प्रयोज्य हो चुके हैं और भूजल दोहन चुनौतीपूर्ण बन गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बांध में जलभराव शुरू होने के बाद क्षेत्र के अधिकांश गांवों में भूजल स्तर में सुधार आएगा।

सिंचाई विभाग अब तक राजस्थान के भरतपुर स्थित अजान बांध से पानी नहीं आने का तर्क देकर तेरहमोरी बांध के अनुरक्षण को टालता रहा है। जबकि विशेषज्ञों के अनुसार फतेहपुर सीकरी क्षेत्र विंध्य पर्वत श्रृंखला के बलुआ पत्थर और चूना पत्थर से घिरा है तथा इसका स्थानीय जलग्रहण क्षेत्र 24 वर्ग किलोमीटर से अधिक है। भूगर्भ जल रिचार्ज प्रभावित होने से पानी में सोडियम, क्लोराइड और कैल्शियम की सांद्रता बढ़ रही है,जिससे पानी खारा होता जा रहा है। इसके चलते फ्लोरोसिस और हाई टीडीएस जैसी समस्याएं जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही हैं।

नगर पालिका अध्यक्ष ने भी उठाया मुद्दा :

फतेहपुर सीकरी नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष शबाना इस्लाम ने ताज ट्रिपेजियम जोन प्राधिकरण को पत्र भेजकर बांध को पुनः जल संचय योग्य बनाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि यदि बांध के फाटक ठीक कर दिए जाएं तो क्षेत्र में भूजल स्तर सुधरेगा और उड़ने वाले सूक्ष्म धूल कणों पर भी नियंत्रण संभव होगा,जिससे आगरा के वायु प्रदूषण में कमी आएगी।

टीटीजेड अथॉरिटी ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए सिंचाई विभाग के तृतीय सिंचाई मंडल,लोअर खंड आगरा नहर के अधिशासी अभियंता को मानसून के वर्षा जल संचयन की कार्य योजना तैयार करने को कहा था।

भूजल रिचार्ज का महत्वपूर्ण स्रोत रहा है बांध :

जानकारों के अनुसार तेरहमोरी बांध में मानसून का पानी संग्रहित कर अक्टूबर माह में खारी नदी में छोड़ा जाता था,जो लगभग 80 किलोमीटर बहते हुए फतेहाबाद क्षेत्र के मोतीपुरा गांव के पास उटंगन नदी में मिलती थी। इससे मार्ग के गांवों में स्वतः भूजल रिचार्ज होता था और हैंडपंप सुचारू रूप से चलते थे,लेकिन बांध के गेट क्षतिग्रस्त होने के बाद यह पूरा तंत्र प्रभावित हो गया।

सिविल सोसायटी ने लंबे समय से उठाया मुद्दा :

सिविल सोसायटी ऑफ आगरा लंबे समय से तेरहमोरी बांध के पुनरुद्धार की मांग करती रही है। संस्था के पूर्व सचिव स्व.अनिल शर्मा ने तर्क दिया था कि सीकरी हिस्सा-4, दादूपुरा, नागर, दूरा, पाली और पतसाल सहित कई गांवों का वर्षाजल तेरहमोरी बांध तक पहुंचता है और यह जलराशि बांध को भरने के लिए पर्याप्त है।

सिविल सोसायटी ऑफ आगरा के अध्यक्ष डा.शिरोमणी सिंह, असलम सलीमी और पर्यावरण विद अभिनय प्रसाद एडवोकेट का कहना है कि सीमित खर्च में केवल स्लुइस गेटों की मरम्मत और संरचना के अनुरक्षण जैसे कार्य कराकर फिलहाल बांध को पुनः सुचारू किया जा सकता है।

छाया : असलम सलीमी