हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा। इस्कॉन आगरा एवं राधा सखी ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में समाधि पार्क में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के प्रथम दिवस श्रद्धा, भक्ति और हरिनाम संकीर्तन का अनुपम संगम देखने को मिला। कथा प्रारंभ से पूर्व हरे कृष्ण महामंत्र के संकीर्तन पर श्रद्धालु भक्ति भाव से झूम उठे और पूरा वातावरण कृष्णमय हो गया।
राधा सखी ग्रुप की संस्थापक अशु मित्तल ने बताया कि कथा महोत्सव का शुभारंभ प्रातः प्रभात फेरी के माध्यम से हुआ। प्रभात फेरी में स्थानीय श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों को श्रीमद्भागवत कथा में सम्मिलित होने का निमंत्रण दिया गया। हरिनाम संकीर्तन करते हुए भक्तों ने नगर भ्रमण किया और वातावरण भक्तिरस से सराबोर हो गया।
कथा व्यास सार्वभौम प्रभु ने प्रथम दिवस श्रीमद्भागवत कथा के महात्म्य, भक्त और भगवान के संबंध पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि भगवान का साक्षात स्वरूप है। इसका श्रवण स्वयं में पुण्य है और यह मनुष्य के अंतर्मन में जमी अहंकार की गांठ को छिन्न-भिन्न कर देता है। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य अहंकार, मोह और सांसारिक बंधनों से मुक्त होता है, तभी वास्तविक भक्ति का उदय होता है।
उन्होंने कहा कि जीवन में अध्यात्म का विशेष महत्व है। आधुनिक जीवन की भागदौड़, तनाव और संघर्ष के बीच आध्यात्मिक चिंतन मनुष्य को संतुलन, शांति और सही दिशा प्रदान करता है। श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मा को जागृत करने का माध्यम है, जो व्यक्ति को अपने वास्तविक स्वरूप और परमात्मा से जोड़ती है।
अरविंद स्वरूप प्रभु ने बताया कि सोमवार को कथा के द्वितीय दिवस महाराज परीक्षित के जन्म, कलियुग विजय और श्राप प्रसंग का वर्णन किया जाएगा। कथा के माध्यम से भक्तों को श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों के साथ जीवनोपयोगी संदेश भी दिए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रतिदिन कथा का शुभारंभ और विश्राम हरे कृष्ण महामंत्र संकीर्तन के साथ हो रहा है। विशेष रूप से इस्कॉन मंदिर फरीदाबाद से आई भक्ति मंडली संकीर्तन द्वारा भक्तों को भक्ति रस में सराबोर कर रही है।
कार्यक्रम में डॉ नरेंद्र मल्होत्रा, डॉ जयदीप मल्होत्रा, मोनिका अग्रवाल, रीता खन्ना, लवली कथूरिया, संजीव मित्तल, रेणुका डांग, रेनू भगत, मीनाक्षी मोहन, ज्योति, रेशमा मगन, डेजी गुजराल, अनीता पारिख, शिखा सिंघल आदि उपस्थित रहीं।


