माँ का दूध हर नवजात का अधिकार,आगरा में शुरू हुआ उत्तर भारत का पहला मातृ-शिशु दुग्ध बैंक



हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा। नवजात शिशुओं के जीवन की रक्षा और मातृ-दूध के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रताप नगर स्थित गर्भाधान संस्कार एवं मेटरनिटी होम में उत्तर भारत के प्रथम आधुनिक तकनीक से युक्त ‘मुंशी पन्ना मातृ-शिशु दुग्ध बैंक’ का शुभारंभ किया गया। इस जनहितकारी सेवा प्रकल्प की स्थापना श्री चंद्रभान साबुन वाले सेवा ट्रस्ट द्वारा की गई है।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. शिखा सिंह (स्त्री रोग विभागाध्यक्ष, एसएन मेडिकल कॉलेज) ने कहा कि यह मदर मिल्क बैंक नवजात शिशुओं के लिए जीवनदायी साबित होगा। इससे अस्पताल में जरूरतमंद शिशुओं को माँ का दूध उपलब्ध कराया जा सकेगा, विशेषकर उन बच्चों को जिनकी माताएँ स्तनपान कराने में असमर्थ हैं या जिनका निधन हो चुका है।

विशिष्ट अतिथि डॉ. पुष्प लता (अधीक्षक, लेडी लॉयल हॉस्पिटल) ने इसे उत्तर भारत की एक महत्वपूर्ण और जनकल्याणकारी पहल बताते हुए कहा कि माँ का दूध अमृत के समान है, जो शिशुओं को कुपोषण से बचाता है और शिशु मृत्यु दर कम करने में सहायक होता है।

वहीं डॉ.पंकज कुमार (बाल रोग विभागाध्यक्ष, एसएन मेडिकल कॉलेज) ने कहा कि माँ का दूध हर नवजात का अधिकार है और स्वस्थ भविष्य की नींव भी।

समाजसेवा का प्रेरणादायक उदाहरण

इस सेवा प्रकल्प के प्रमुख दानदाता मुंशी पन्ना मसाले परिवार की श्रीमती कृष्णा गोयल और श्रीमती सुलेखा गोयल ने कहा कि धन तभी सार्थक है जब वह समाज और मानव जीवन के कल्याण में लगे। उन्होंने इस पहल से जुड़कर आत्मिक संतोष व्यक्त किया।

प्रकल्प के प्रेरणा स्रोत समाजसेवी अशोक कुमार गोयल ने माताओं से दुग्धदान करने की अपील करते हुए कहा कि माँ के दूध की हर बूँद एक जीवन बचा सकती है।

आधुनिक तकनीक से सुरक्षित रहेगा दूध :

दुग्ध बैंक के संरक्षक मुकेश जैन ने बताया कि यहां पाश्चराइजेशन मशीन के माध्यम से दूध को नियंत्रित तापमान पर प्रोसेस किया जाता है, जिससे हानिकारक बैक्टीरिया समाप्त हो जाते हैं, जबकि पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं।

ट्रस्ट के अध्यक्ष अशोक कुमार अग्रवाल ने कहा कि यह सुविधा विशेष रूप से समय से पहले जन्मे शिशुओं और कमजोर नवजातों के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध होगी।

ये रहे मौजूद :

इस अवसर पर डॉ. पीयूष जैन (डिप्टी सीएमओ), डॉ. सुधा बंसल, डॉ. आरके मिश्रा, कांता माहेश्वरी, रश्मि मगन सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन रमेश चंद्र अग्रवाल ने किया,जबकि ट्रस्ट के महामंत्री मनोज अग्रवाल सहित अन्य सदस्यों ने व्यवस्थाएँ संभालीं।

संदेश :

“माताएँ करें अपने दुग्ध का दान, बचेगी नवजात शिशुओं की जान”

यह पहल न केवल चिकित्सा क्षेत्र में एक नई दिशा है, बल्कि समाज में सेवा और संवेदनशीलता का प्रेरणादायक उदाहरण भी है।