तीन दिवसीय फूड एक्सपो एवं कॉन्क्लेव 2026 का भव्य समापन

फूड एक्सपो में गूंजा आत्मनिर्भर भारत का संकल्प,15 हजार से अधिक विजिटर्स ने देखा उद्योग का भविष्य

150 से अधिक स्टॉलों ने प्रदर्शित किए नवाचार और व्यापारिक संभावनाएं

"ग्राहक नहीं, परमात्मा के लिए बनाएं उत्पाद" : नवरत्न अग्रवाल

"किसान, युवा और उद्योग की समृद्धि से ही बनेगा विकसित भारत" : डॉ. मंजू भदौरिया

हिन्दुस्तान वार्ता।ब्यूरो

आगरा। उद्योग, नवाचार,उद्यमिता और भारतीय खाद्य परंपरा के संगम बने उत्तर प्रदेश फूड एक्सपो एवं कॉन्क्लेव-2026 का रविवार को होटल जेपी पैलेस एंड कन्वेंशन सेंटर में भव्य समापन हुआ। तीन दिनों तक चले इस मेगा आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से आए उद्योगपति, खाद्य प्रसंस्करण विशेषज्ञ, निर्यातक, कर सलाहकार, किसान, स्टार्टअप उद्यमी और निवेशकों ने सहभागिता की। सात राज्यों से आए 150 से अधिक प्रदर्शकों ने अपने उत्पाद, तकनीक और सेवाओं का प्रदर्शन किया, जबकि 15 हजार से अधिक विजिटर्स ने एक्सपो का भ्रमण कर खाद्य उद्योग के नवीनतम नवाचारों और व्यावसायिक अवसरों का अवलोकन किया।

आयोजन के अंतिम दिन विभिन्न विषयों पर आयोजित तकनीकी एवं व्यवसायिक सत्रों में खाद्य प्रसंस्करण, निर्यात, कोल्ड चेन,स्मार्ट पैकेजिंग, कर व्यवस्था, खाद्य सुरक्षा, तकनीकी नवाचार और उद्यमिता जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से अपने विचार रखे। एक्सपो ने उद्योग, सरकार, वित्तीय संस्थानों और उद्यमियों के बीच संवाद का एक सशक्त मंच प्रदान किया।

व्यापार में सेवा और अध्यात्म का समावेश सफलता की कुंजी : नवरत्न अग्रवाल

समापन दिवस के मुख्य आकर्षण रहे बीकानेरवाला फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर नवरत्न अग्रवाल ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि व्यापार केवल लाभ कमाने का माध्यम नहीं बल्कि समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण का साधन भी है। उन्होंने कहा कि यदि कोई उद्यमी अपने उत्पाद को ग्राहक के लिए नहीं बल्कि परमात्मा के लिए बनाने की भावना से तैयार करता है तो उसकी गुणवत्ता स्वतः उत्कृष्ट हो जाती है।

उन्होंने अपने व्यवसायिक जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनका परिवार बीकानेर से दिल्ली आया था और बहुत छोटे स्तर पर रसगुल्ले बेचकर व्यवसाय शुरू किया था। आज वही प्रयास वैश्विक पहचान प्राप्त कर चुका है। उन्होंने युवाओं से नौकरी खोजने के बजाय रोजगार सृजक बनने का आह्वान करते हुए कहा कि आत्मविश्वास, परिश्रम और सकारात्मक सोच सफलता के मूल आधार हैं।

आलू प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन पर दिया गया जोर :

बीएन ग्रुप के चेयरमैन एवं चैंबर के संरक्षक अजय अग्रवाल ने कहा कि आगरा क्षेत्र के किसानों को शुगर-फ्री आलू और प्रसंस्करण योग्य फसलों के उत्पादन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में ऐसे आलू की मांग लगातार बढ़ रही है, जो चिप्स एवं अन्य वैल्यू एडेड उत्पादों के लिए उपयुक्त होते हैं।

आगरा कोल्ड स्टोरेज ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भुवेश अग्रवाल ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि उत्पादन को प्रसंस्करण उद्योग से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक खेती के साथ-साथ प्रोसेसिंग वैरायटी फसलों को बढ़ावा देकर किसानों और उद्योग दोनों को लाभ पहुंचाया जा सकता है।

उपयोग किए गए खाद्य तेल से बन सकता है विमान ईंधन

उद्यमी सुशील वैष्णव ने खाद्य तेल के पुनः उपयोग और पर्यावरण संरक्षण पर महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि रसोई में तीन बार से अधिक उपयोग किए गए खाद्य तेल से बायोफ्यूल तैयार किया जा सकता है। यह ईंधन पर्यावरण के अनुकूल है और विमानन क्षेत्र सहित कई उद्योगों में इसका उपयोग बढ़ रहा है। इससे प्रदूषण कम करने और अपशिष्ट प्रबंधन में भी मदद मिलती है।

कोल्ड चेन,स्मार्ट पैकेजिंग और निर्यात अवसरों पर हुआ मंथन :

प्रथम तकनीकी सत्र में "खेत से खपत तक : कोल्ड चेन, वेयरहाउसिंग एवं स्मार्ट पैकेजिंग की भूमिका", "खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र हेतु सरकारी योजनाएं एवं अनुदान", "उद्योग की चुनौतियां एवं संभावनाएं" तथा "निर्यात संवर्धन और वैश्विक अवसर" विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से चर्चा की।

सीए आर.के. जैन ने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं,सब्सिडी, वित्तीय सहायता कार्यक्रमों और उद्योगों को उपलब्ध प्रोत्साहनों की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने कहा कि आधुनिक पैकेजिंग और कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर के बिना कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाना संभव नहीं है।

जीएसटी और नए आयकर कानून पर मिली उपयोगी जानकारी :

द्वितीय सत्र आईसीएआई आगरा शाखा के सहयोग से आयोजित किया गया। इसमें जीएसटी, नए आयकर अधिनियम, वित्तीय नियोजन और कानूनी अनुपालन से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। सत्र का संचालन सीए निखिल गर्ग एवं सीए आलोक अग्रवाल के नेतृत्व में किया गया। उद्यमियों को बदलती कर व्यवस्था के अनुरूप व्यवसायिक रणनीतियां विकसित करने के सुझाव दिए गए।

फूड प्रोसेसिंग पूरे वर्ष रोजगार देने वाला उद्योग : मनोज बंसल

नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स द्वारा आयोजित उद्योग, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार संगोष्ठी में चैंबर अध्यक्ष मनोज बंसल ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण ऐसा क्षेत्र है जो हर मौसम में रोजगार और व्यापारिक अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि फूड एक्सपो जैसे आयोजन न केवल उद्योगों को नई दिशा देते हैं बल्कि पूरे शहर की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करते हैं।

इस अवसर पर सहायक आयुक्त खाद्य महेंद्र श्रीवास्तव, खाद्य सुरक्षा अधिकारी सर सैयद हैदर अली, पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल, अम्बा प्रसाद गर्ग, राजेश गोयल, विनय मित्तल तथा राजेश अग्रवाल सहित अनेक विशेषज्ञों ने भी विचार व्यक्त किए।

फूड एक्सपो से खुले अंतरराष्ट्रीय व्यापार के द्वार :

काइला ग्रुप के संदीप काइला ने बताया कि एक्सपो के दौरान उन्हें अंतरराष्ट्रीय व्यापार के नए अवसर प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि वियतनाम और सिंगापुर के व्यापारिक प्रतिनिधियों ने उनसे संपर्क किया है और निर्यात संबंधी संभावनाओं पर सकारात्मक चर्चा हुई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि आगरा का खाद्य उद्योग वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

खाद्य प्रसंस्करण से महिला सशक्तिकरण, रोजगार और किसान समृद्धि संभव : डॉ. मंजू भदौरिया

समापन समारोह की मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ.मंजू भदौरिया ने कहा कि महिला सशक्तिकरण, युवाओं को रोजगार और किसानों की समृद्धि वर्तमान समय की सबसे बड़ी प्राथमिकताएं हैं और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग इन तीनों उद्देश्यों को एक साथ पूरा करने की क्षमता रखता है।

उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसान की समृद्धि के बिना देश की खाद्य सुरक्षा की कल्पना नहीं की जा सकती। तमाम चुनौतियों के बावजूद खाद्य प्रसंस्करण उद्योग निरंतर प्रगति कर रहा है और आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देकर विकसित भारत के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

सहयोगी उद्योगों और संस्थाओं का हुआ सम्मान :

समापन अवसर पर आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाली प्रमुख औद्योगिक इकाइयों एवं संस्थाओं को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मानित संस्थाओं में बीएन ग्रुप, मुंशी पन्ना मसाला, महेश एडिबल ऑयल, भगत हलवाई, श्री दाऊजी, लेसी, काइला इंस्ट्रुमेंटल, श्री श्याम बाबा पैकर्स, आगरा सेल्स एंड एक्सपोर्ट, ओम साईं एग्रो फूड, डबल त्रिशूल, चौबे जी मसाले, गुरुजी मसाले, बालाजी पैकर्स, परम डेयरी, ज्ञान घी, पारस घी, आरबी हसमत राय एंड कंपनी, आरबी हींग, परवाह आटा, कुमार डेयरी सहित अनेक प्रतिष्ठान शामिल रहे।

हजारों व्यापारिक पूछताछ और ऑर्डर मिले :

आयोजन समिति के अध्यक्ष राजकुमार भगत ने बताया कि तीन दिवसीय एक्सपो में सात राज्यों से आए 150 से अधिक स्टॉलों ने भाग लिया और 15 हजार से अधिक विजिटर्स ने सहभागिता की। इस दौरान हजारों व्यावसायिक पूछताछ और ऑर्डर प्राप्त हुए, जिससे उद्योग जगत को नए व्यापारिक अवसर मिले हैं। उन्होंने घोषणा की कि अगले वर्ष फूड एक्सपो को और अधिक बड़े तथा भव्य स्वरूप में आयोजित किया जाएगा।

महासचिव अनुज सिंघल ने कहा कि यह आयोजन उद्योग, सरकार और वित्तीय संस्थानों के बीच प्रभावी संवाद स्थापित करने में सफल रहा है। मुख्य सलाहकार मनीष अग्रवाल ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश, तकनीक और बाजार की नई संभावनाओं को जोड़ने में यह आयोजन मील का पत्थर सिद्ध होगा।

कार्यक्रम का संचालन रीनेश मित्तल ने किया। इस अवसर पर नितिन अग्रवाल, सिद्धार्थ चतुर्वेदी, आशीष गर्ग, सिद्धार्थ अग्रवाल, सीएस अनुज अशोक, सीए आर.के. जैन, एडमिनिस्ट्रेटर अपरार्क शर्मा, दिलीप कुमार, अनिल सविता, राम शर्मा सहित बड़ी संख्या में उद्योगपति, उद्यमी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।