हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा, 25 जून। एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा छह माह से पांच वर्ष तक के बच्चों को आयरन-फॉलिक एसिड (आईएफए) सीरप वितरित की जा रही है। गुरुवार को जनपद के नियमित टीकाकरण सत्रों के दौरान सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर बच्चों के अभिभावकों को आईएफए सीरप उपलब्ध कराई गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि एनीमिया बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास को प्रभावित करता है। इसे रोकने के लिए छह माह से पांच वर्ष तक के बच्चों को ऑटो डिस्पेंसर युक्त 50 एमएल आईएफए सीरप की बोतल दी जा रही है। उन्होंने बताया कि एएनएम एवं आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे अभिभावकों को दवा देने की सही विधि समझाएं और ऑटो डिस्पेंसर लगाए बिना बोतल वितरित न करें।
एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि 10 जुलाई तक चलने वाले अभियान के दौरान जनपद के लगभग 6.38 लाख बच्चों को आईएफए सीरप देने का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक बच्चे को सप्ताह में दो बार एक-एक एमएल सीरप दी जानी है। इसके लिए सभी ब्लॉकों में माइक्रोप्लान के अनुसार विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर, जीवनीमंडी की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. मेघना शर्मा ने बताया कि आईएफए सीरप बच्चों में खून की कमी दूर करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और मस्तिष्क के विकास में सहायक है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे छह माह से पांच वर्ष तक के बच्चों को यह सीरप अवश्य दिलवाएं।
डीसीपीएम डॉ. विजय सिंह के अनुसार अभियान में जनपद की 535 एएनएम कार्यरत हैं, जिन्हें ग्रामीण क्षेत्र की 2805 तथा शहरी क्षेत्र की 860 आशा कार्यकर्ताओं का सहयोग प्राप्त हो रहा है। अभियान की निगरानी प्रतिदिन की जा रही है तथा सभी आंकड़े आरसीएच और एचएमआईएस पोर्टल पर दर्ज किए जा रहे हैं।
नगला धनी निवासी तनु ने बताया कि उनकी 11 माह की बेटी दीक्षा को टीकाकरण सत्र में आईएफए सीरप दी गई और दवा देने की पूरी जानकारी भी समझाई गई। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की इस पहल को बच्चों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी बताया।
स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से आईएफए सीरप दें, जिससे एनीमिया की रोकथाम हो सके और बच्चों का स्वस्थ विकास सुनिश्चित हो।

