हर 10 में से 2 दम्पति बांझपन की समस्या से जूझ रहे : डॉ. योगेश सिंघल




डॉक्टर्स डे पर सिंघल हॉस्पिटल में निःशुल्क इन्फर्टिलिटी स्वास्थ्य शिविर, 70 से अधिक लोगों ने लिया लाभ

हिन्दुस्तान वार्ता।ब्यूरो

आगरा। वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली, बढ़ते तनाव और अनियमित खान-पान के कारण बांझपन की समस्या तेजी से बढ़ रही है। भारत में हर 10 में से लगभग 2 दम्पति बांझपन की समस्या से जूझ रहे हैं। यह बात डॉक्टर्स डे के अवसर पर आवास विकास स्थित सिंघल हॉस्पिटल में आयोजित निःशुल्क इन्फर्टिलिटी (बांझपन) जांच एवं परामर्श शिविर के दौरान वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. योगेश सिंघल ने कही।

उन्होंने बताया कि शिविर का उद्देश्य संतान सुख से वंचित दम्पतियों को समय पर उचित चिकित्सकीय परामर्श, आधुनिक उपचार पद्धतियों की जानकारी तथा मानसिक संबल प्रदान करना है। शिविर में बड़ी संख्या में दम्पतियों ने भाग लेकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श प्राप्त किया।

डॉ. अर्चना सिंघल ने कहा कि वर्तमान में तनावपूर्ण जीवनशैली, स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न समस्याओं और अनियमित दिनचर्या के कारण बांझपन के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। हालांकि, समय पर जांच और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के माध्यम से अधिकांश मामलों का सफल उपचार संभव है। उन्होंने दम्पतियों से अपील की कि संतान प्राप्ति में देरी होने पर बिना किसी झिझक के विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लें तथा अंधविश्वास और भ्रांतियों से दूर रहें।

शिविर के दौरान महिला एवं पुरुष दोनों की आवश्यक चिकित्सकीय जांच, स्वास्थ्य परीक्षण एवं व्यक्तिगत परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई गई। चिकित्सकों ने प्रत्येक मरीज की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार उपचार योजना तैयार करते हुए आवश्यक जांच कराने की सलाह दी। साथ ही आईवीएफ, आईयूआई एवं अन्य आधुनिक प्रजनन तकनीकों के संबंध में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

शिविर में लगभग 70 से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया। इस अवसर पर डॉ. मनीष गुप्ता एवं डॉ. अनुपम अग्रवाल ने भी अपनी सेवाएं प्रदान कीं। एक्सप्रेस पैथोलॉजी द्वारा निःशुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई।