हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा। नॉर्थ विजय नगर कॉलोनी में नगर निगम द्वारा की गई तोड़फोड़ की कार्रवाई को लेकर पीड़ित परिवार ने मंगलवार को प्रेसवार्ता कर इसे अवैध और पक्षपातपूर्ण बताया। परिवार ने नगर निगम अधिकारियों पर एक स्थानीय व्यक्ति से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट याचिका भी दायर किए जाने की जानकारी दी गई।
पीड़ित परिवार की ओर से मनीष अग्रवाल ने बताया कि नॉर्थ विजय नगर स्थित संपत्ति उनकी माता पुष्पा देवी के नाम पंजीकृत है, जिसे दिसंबर 2024 में विधिवत क्रय किया गया था। उनका आरोप है कि पड़ोसी जय अग्रवाल की शिकायत पर नगर निगम ने बिना विधिसम्मत प्रक्रिया अपनाए 8 जुलाई को संपत्ति पर तोड़फोड़ की कार्रवाई कर दी।
परिवार का दावा है कि संबंधित निर्माण नगर निगम के गठन से पहले का है तथा नगर निगम के सर्वे, कर निर्धारण अभिलेख और आगरा विकास प्राधिकरण के स्वीकृत मानचित्र में सड़क की चौड़ाई 40 फीट दर्ज है, जबकि शिकायत में इसे 60 फीट बताया गया। उनका कहना है कि यदि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होती तो सड़क के दोनों ओर समान रूप से कार्रवाई की जानी चाहिए थी,जबकि केवल उनकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया।
पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 1991 में इसी संपत्ति से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए गए थे,लेकिन नगर निगम अधिकारियों ने उस आदेश की अनदेखी की। परिवार का कहना है कि इस संबंध में नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल कर दी गई है।
परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा उन्हें हुए नुकसान की भरपाई की मांग की है।



