मल्हार उत्सव में शास्त्रीय संगीत की सुरमयी प्रस्तुतियों ने मोहा मन

हिन्दुस्तान वार्ता।ब्यूरो

आगरा, 8 अगस्त। भारतीय संगीतालय,आगरा की ओर से शनिवार को ग्रांड होटल, आगरा कैंट में आयोजित ‘मल्हार उत्सव-2026’ शास्त्रीय संगीत की मनोहारी प्रस्तुतियों से सुरमय हो उठा। वर्षा ऋतु और भारतीय शास्त्रीय संगीत के अनूठे संबंध पर आधारित इस आयोजन में शहर के संगीतप्रेमियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं भारतीय संगीतालय के संस्थापक पंडित गोपाल लक्ष्मण गुणे के समक्ष माल्यार्पण तथा संस्था के छात्र-छात्राओं द्वारा राग यमन में प्रस्तुत मां सरस्वती एवं गुरु वंदना से हुआ। इसके बाद सुश्री लीना परमार ने राग गौड़ मल्हार में मध्यलय तीनताल के ख्याल ‘कैसे-कैसे आए बादर घिर-घिर’ तथा द्रुत ख्याल ‘गरजत बरसत भीजत आयो’ प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। तबले पर डॉ. हरिओम माहौर और संवादिनी पर डॉ. राहुल निवेरिया ने प्रभावी संगत की।

दिल्ली से आईं प्रतिष्ठित गायिकाओं श्रीमती मालविका मंडल एवं श्रीमती अरुंधति भट्टाचार्य ने शास्त्रीय युगल गायन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। दोनों ने राग श्याम कल्याण में विलंबित ख्याल ‘बीत गई श्याम’ और छोटा ख्याल ‘नींद ना आवत’, इसके बाद राग सूरदासी मल्हार में ‘भोर-भोर बरसन लागे बादल’ तथा तराना प्रस्तुत किया। दादरा ‘लगी बरियां, सो गई ननदी’ और कजरी ‘बरसन लगी बदरिया, रम झूम के’ ने माहौल को और जीवंत कर दिया। अंत में प्रस्तुत भजन से वातावरण भक्तिमय हो उठा।

गायिकाओं के साथ दिल्ली के श्री सुसमय मिश्रा ने तबले पर मधुर एवं प्रभावशाली संगत की, जबकि आगरा के पं. रविंद्र तलेगांवकर ने संवादिनी पर संगत कर प्रस्तुति को समृद्ध किया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ रंगकर्मी एवं समाजसेवी श्री अरुण डंग तथा श्री संजय कालरा, निदेशक, TISA International School ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। अध्यक्षता करते हुए डॉ. हेमेन्द्र विक्रम सिंह ने भारतीय संगीतालय द्वारा भारतीय शास्त्रीय संगीत के संरक्षण, संवर्धन और नई पीढ़ी को संगीत से जोड़ने के प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर वर्ष 1944 से भारतीय संगीतालय की चली आ रही संगीत साधना और शास्त्रीय संगीत के प्रचार-प्रसार में संस्था के योगदान को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम का संचालन भारतीय संगीतालय के छात्र-छात्राओं ने किया।

कार्यक्रम में नगर के संगीतज्ञ पंडित मोहित कुमार, सुधीर नारायण, ठाकुर विजय पाल सिंह, योगेश अग्निहोत्री, डॉ. भानु प्रताप, डॉ. प्रदीप श्रीवास्तव, अरविंद कपूर, अमिता त्रिपाठी, परमानंद, रवि अग्रवाल, धन्वन्तरि जी, बबिता साहू, मनोज कोहली, दीपक प्रहलाद, मंजरी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

अंत में भारतीय संगीतालय के सचिव श्री अशोक राव करमरकर एवं प्राचार्य श्री गजेंद्र सिंह ने सभी कलाकारों, अतिथियों, सहयोगियों और संगीतप्रेमियों का आभार व्यक्त किया। आयोजन शास्त्रीय संगीत की गरिमा, गुरु-शिष्य परंपरा और आगरा की सांस्कृतिक चेतना का सुंदर संगम रहा।

रिपोर्ट : अरविन्द दोहरे 'समीर'