8 किलोमीटर की राह, 51 से अधिक झांकियां,शमशाबाद में गूंजेगा जय श्रीराम



गढ़ी ईश्वरा से निकलेगी श्रीराम बारात, मध्य प्रदेश, केरल और झारखंड की झांकियां भी होंगी शामिल

गांव-गांव पुष्पवर्षा से होगा स्वागत, ग्रामीण बच्चे द्वादश ज्योतिर्लिंग की पालकी लेकर चलेंगे

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा। श्री मनःकामेश्वर मठ मंदिर द्वारा आयोजित होने जा रहे श्री मनःकामेश्वर रामलीला महोत्सव एवं श्रीराम बारात को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। 11 से 21 अक्टूबर तक होने वाले रामलीला महोत्सव के साथ आगामी 15 एवं 16 अक्टूबर को निकलने वाली श्रीराम बारात को लेकर आर्य पोली हाउस, धमैना रोड, शमशाबाद में महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में गढ़ी ईश्वरा, दिगनेर से शमशाबाद तक निकलने वाली राम बारात के मार्ग, स्वागत, झांकियों, सुरक्षा, रात्रि विश्राम और धार्मिक आयोजनों की व्यवस्थाओं पर विस्तार से मंथन किया गया।

बैठक की अध्यक्षता श्री मनःकामेश्वर मठ के प्रशासक हरिहर पुरी एवं श्री महंत योगेश पुरी महाराज के साथ डॉ. राजेंद्र शर्मा ने की।

8 किलोमीटर की यात्रा में दिखेगी धर्म और संस्कृति की झलक :

मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि गढ़ी ईश्वरा, दिगनेर से निकलने वाली श्रीराम बारात करीब 8 किलोमीटर की यात्रा तय कर शमशाबाद पहुंचेगी। इस बार बारात में 51 से अधिक झांकियां शामिल होंगी। इनमें मध्य प्रदेश, केरल और झारखंड से आने वाली झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। ग्रामीण बच्चे द्वादश ज्योतिर्लिंग की पालकी लेकर बारात में चलेंगे।

उन्होंने बताया कि श्रीराम बारात को लेकर ग्रामीण क्षेत्र में खासा उत्साह है। मार्ग में पड़ने वाले गांवों के लोग अपने स्तर से स्वागत की तैयारियों में जुटे हैं। हिंदू-मुस्लिम सभी वर्गों के लोग मिलकर श्रीराम बारात के आयोजन में सहयोग कर रहे हैं, जो क्षेत्र की सामाजिक एकता और आपसी सद्भाव की मिसाल बनेगा।

गांव-गांव पुष्पवर्षा, शमशाबाद में होगा भव्य स्वागत :

श्री जनकपुरी महोत्सव के व्यवस्थापक आशीष आर्य ने बताया कि 15 एवं 16 अक्टूबर को होने वाली श्रीराम बारात के लिए सुचारु रोडमैप तैयार किया गया है। बारात जिन-जिन गांवों से होकर गुजरेगी, वहां ग्रामीणों और क्षेत्र की जनता द्वारा पुष्पवर्षा कर भगवान श्रीराम की बारात का भव्य स्वागत किया जाएगा।

शमशाबाद पहुंचने पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा के पास शमशाबाद की जनता द्वारा बारात का स्वागत किया जाएगा। इसके बाद श्रीराम बारात रात्रि में शिव वाटिका पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम के साथ अगले दिन होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों की व्यवस्थाएं रहेंगी।

शिव वाटिका में होगा शालिग्राम-तुलसी विवाह :

16 अक्टूबर को सुबह 11 बजे शिव वाटिका में शालिग्राम-तुलसी विवाह का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम, भोलेनाथ एवं श्रीनाथजी के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त होगा। आयोजन स्थल पर धार्मिक झांकियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव कराया जाएगा।

महंत योगेश पुरी ने लिया तैयारियों का जायजा :

बैठक के पश्चात श्री महंत योगेश पुरी महाराज ने मठ के सहयोगियों एवं आयोजन से जुड़े लोगों के साथ शिव वाटिका का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर होने वाले धार्मिक आयोजनों, श्रद्धालुओं की सुविधा, स्वागत व्यवस्था, झांकियों और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान श्रीनाथजी एवं बाबा मनःकामेश्वर की झांकी स्वरूप दर्शन व्यवस्था को लेकर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम स्थल पर आने वाले जनमानस को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने पर जोर दिया गया।

महंत योगेश पुरी बोले ! राम बारात बनेगी सामाजिक समरसता का संदेश

श्री महंत योगेश पुरी महाराज ने कहा कि श्रीराम केवल आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाली मर्यादा और संस्कृति के प्रतीक हैं। श्रीराम बारात का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन करना नहीं, बल्कि गांव-गांव तक प्रभु श्रीराम के आदर्श, प्रेम, सेवा और सामाजिक समरसता का संदेश पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जिस तरह क्षेत्र के सभी वर्ग आयोजन की तैयारियों में सहयोग कर रहे हैं, वह भगवान श्रीराम के प्रति लोगों की श्रद्धा और आपसी भाईचारे को दर्शाता है।

उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी लोगों से व्यवस्थाओं को सेवा भाव से पूर्ण करने और श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखने का आह्वान किया।

ये रहे मौजूद :

बैठक में पवन अग्रवाल, भोला वर्मा, श्रीमान राठौर, ग्रामीण चौहान, खेतवारा कुशवाहा, सचिन, शिवम चौहान, अनिल सिकरवार, सोमवीर प्रजापति, अजय पाल सिंह, हरदीप एडवोकेट, श्यामवीर, मनीष शर्मा, अमन शर्मा, राजीव खुदा, विनय गुप्ता, संदीप गुप्ता, उमेश गुप्ता मंडल अध्यक्ष, विकास शाक्य, प्रमोद ठाकुर, अरुण चक्र, मठ के सहयोगी सूर्यप्रताप (सूरज, लालपुर एटा), लक्ष्मीकांत, सुधीर यादव, अमर गुप्ता, रीतेश गुप्ता (गांधी आश्रम), विजय गुप्ता, जीतेन्द्र रावत आदि उपस्थित रहे।