हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ होम्योपैथिक फिजिशियंस (IIHP) आगरा यूनिट एवं होम्योपैथी विकास दिवस के संयुक्त तत्वावधान में फतेहाबाद रोड स्थित होटल रिच ग्रांड में एक दिवसीय वैज्ञानिक सेमिनार एवं कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें देशभर से आए 200 से अधिक होम्योपैथी विशेषज्ञों, चिकित्सकों एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में होम्योपैथी चिकित्सा के वैज्ञानिक पहलुओं, शोध, चिकित्सकीय अनुभवों तथा चिकित्सा क्षेत्र में प्रमाण आधारित दृष्टिकोण को लेकर चर्चा हुई।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने दावा किया कि देश के स्वास्थ्य बजट का बड़ा हिस्सा एलोपैथी पर खर्च होता है, जबकि होम्योपैथी, आयुर्वेद और यूनानी जैसी चिकित्सा पद्धतियों को अपेक्षाकृत कम संसाधन मिलते हैं। वक्ताओं ने होम्योपैथी की सुविधाओं को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने और चिकित्सकों की नियुक्ति किए जाने की मांग उठाई।
कार्यशाला का शुभारंभ इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ होम्योपैथिक फिजिशियंस के केंद्रीय क्षेत्र के मुख्य समन्वयक डॉ. राजेंद्र सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने होम्योपैथी चिकित्सकों के बीच शैक्षणिक संवाद और आपसी सहभागिता को मजबूत करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में आईआईएचपी महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. गीता मोगिया, राष्ट्रीय सचिव सुधांशु आर्य, प्रदेश अध्यक्ष ओपी श्रीवास्तव, प्रदेश सचिव डॉ. अम्बुज शुक्ला, जिला इकाई अध्यक्ष डॉ. एच. पाल, डॉ. ओमकार सिंह, मोहित सत्संगी और डॉ. अशोक वार्ष्णेय सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।
वैज्ञानिक सत्र में देशभर से आए विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर प्रस्तुतियां दीं। दयालबाग कॉलेज और वीआरएच मेडिकल कॉलेज, ग्वालियर के विद्यार्थियों ने भी सहभागिता की। प्रतिभागियों ने होम्योपैथी चिकित्सा से जुड़े शोध, चिकित्सकीय अनुभव और वैज्ञानिक पहलुओं को साझा किया। वक्ताओं ने चिकित्सकों के निरंतर ज्ञानवर्धन तथा चिकित्सा पद्धतियों के वैज्ञानिक अध्ययन की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. रचना श्रीवास्तव और डॉ. नाहर सिंह ने किया। इस अवसर पर डॉ. हेमेंद्र तोमर, डॉ. ओपी मित्तल, डॉ. राजेंद्र राजपूत, डॉ. अनिल शर्मा, डॉ. अनिल वर्मा, डॉ. विजय सिसौदिया, डॉ. एसके झा, डॉ. विनय जैन, डॉ. अजय मोमर, डॉ. हेमंत दाकरे, डॉ. गोविंद जादौन, डॉ. राम शुक्ला, डॉ. मनदीप सिंह, डॉ. विष्णु शर्मा, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. हरीश कुमार, डॉ. आरएन कुशवाह और डॉ. राजीव लोचन सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर होम्योपैथ चिकित्सकों की नियुक्ति की मांग :
आगरा। गुजरात एनएचएमसीएच से आए डॉ. राम नरेश यादव ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर होम्योपैथ चिकित्सकों की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कई केंद्रों पर होम्योपैथ चिकित्सकों के पद रिक्त हैं और जहां चिकित्सक उपलब्ध हैं, वहां भी आवश्यक सुविधाओं की कमी है। उन्होंने कहा कि सरकारी सहयोग मिलने पर कम लागत में अधिक मरीजों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है।
डॉ.अम्बुज शुक्ला ने होम्योपैथी और आयुर्वेद को उपचार की ऐसी पद्धतियां बताया, जिनमें मरीज के समग्र स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि होम्योपैथी को लेकर लोगों में कई भ्रांतियां हैं, जिनमें दवा के देर से असर करने की धारणा भी शामिल है। उनके अनुसार उपचार का समय बीमारी की प्रकृति और उसकी अवधि सहित कई कारकों पर निर्भर करता है।



