सराहनीय पहल : पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए हुआ गणेश जी का विसर्जन



विशेष कुंड में विधि-विधान से किया विसर्जन, ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष से गूंजा परिसर

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा। श्री गणेश महोत्सव के सातवें दिन बल्केश्वर स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर, इंदर एन्क्लेव वेलफेयर सोसाइटी में गणेश जी का हवन-पूजन विधि-विधान एवं श्रद्धाभाव के साथ संपन्न हुआ। मंदिर के महंत इंद्रजीत शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन कराया। सोसाइटी के निवासियों ने हवन में आहुति देकर भगवान गणेश से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

हवन के उपरांत भगवान श्री गणेश की भव्य महाआरती हुई। इसमें सोसाइटी के बड़ी संख्या में निवासियों ने श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ भाग लिया। आरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई।

इसके पश्चात भगवान गणेश की प्रतिमा का पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए विसर्जन किया गया। सोसाइटी के पार्क में बनाए गए विशेष कुंड में प्रतिमा का सुरक्षित एवं पर्यावरण अनुकूल तरीके से विसर्जन किया गया। इस पहल के माध्यम से श्रद्धालुओं ने धार्मिक आस्था के साथ प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी का संदेश भी दिया।

गणेश विसर्जन के दौरान पूरे परिसर में भक्ति और उल्लास का माहौल रहा। श्रद्धालुओं ने “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयघोष के साथ भगवान गणेश को भावपूर्ण विदाई दी।

 प्रमुख समाज सेवी कृष्ण कुमार अग्रवाल ‘गुड्डू’ ने कहा कि गणेश उत्सव हमारी आस्था और संस्कृति का महत्वपूर्ण पर्व है। हमें धार्मिक परंपराओं के साथ पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी को भी निभाना चाहिए। इसी उद्देश्य से सोसाइटी परिसर में बनाए गए विशेष कुंड में गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया गया, ताकि जल स्रोत प्रदूषित न हों और पर्यावरण सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण और शुद्ध ऑक्सीजन आने वाली पीढ़ियों की सबसे बड़ी जरूरत है। धार्मिक आयोजनों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर हम समाज को स्वच्छता और प्रकृति के प्रति जागरूकता का सकारात्मक संदेश दे सकते हैं।

इस पुनीत अवसर पर प्र.समाज सेवी कृष्ण कुमार अग्रवाल ‘गुड्डू’,  के साथ रमेश चंद्र, वेदप्रकाश, राजीव गुप्ता, संदीप वर्मा, अनीस अग्रवाल, शीतल गर्ग, आशीष गुप्ता, करन, विनीत, विशाखा, स्नेहा, सरिता, नीलू, शालिनी और प्रीति सहित इंदर एन्क्लेव वेलफेयर सोसाइटी के अनेक निवासी मौजूद रहे।