कुष्ठ रोग अनुसंधान से सेवा तक उनका योगदान अनुकरणीय
डॉ. राजीव पचौरी को मिला डॉ. वेद भारद्वाज सम्मान-2026
हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा। लेप्रोसी पेशेन्ट्स वेलफेयर सोसायटी,आगरा की ओर से बुधवार शाम संजय प्लेस स्थित होटल पी.एल. पैलेस में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक, राष्ट्रीय जालमा कुष्ठ एवं अन्य माइकोबैक्टीरियल रोग संस्थान के पूर्व निदेशक तथा सोसायटी के पूर्व सचिव स्वर्गीय डॉ. वेद भारद्वाज की द्वितीय पुण्यतिथि पर विज्ञान व्याख्यान-माला एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में शहर के प्रबुद्धजनों, चिकित्सकों, साहित्यकारों और समाजसेवियों ने डॉ. भारद्वाज के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहा कि डॉ. वेद भारद्वाज ने कुष्ठ रोग के प्रति व्याप्त सामाजिक कलंक को दूर करने के लिए जीवनभर कार्य किया। कुष्ठ रोगियों के हित में शोध से लेकर सेवा तक उनकी दीर्घकालीन यात्रा सराहनीय रही। उन्होंने कहा कि डॉ. भारद्वाज जैसे वैज्ञानिक और समाजसेवी को पद्मश्री से सम्मानित किया जाना चाहिए।
समारोह के अतिविशिष्ट अतिथि प्रसिद्ध अभिनेता एवं पूर्व सांसद राज बब्बर ने अपने संदेश के माध्यम से स्वर्गीय डॉ. वेद भारद्वाज और डॉ. मधु भारद्वाज के सेवा कार्यों को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि दोनों की अथक सेवाओं के चलते लेप्रोसी पेशेन्ट्स वेलफेयर सोसायटी ने बिना सरकारी सहायता के मानवीय संवेदना के साथ यह संदेश दिया कि सेवा केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान और गरिमा के साथ जीने का अधिकार दिलाना भी उसका हिस्सा है।
वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राजेंद्र मिलन ने डॉ. वेद भारद्वाज को काव्यांजलि अर्पित करते हुए कहा ..
“दुख-सुख में सहभागी थे,
मानवता के प्रति रागी थे...”
110 से अधिक शोधपत्रों का योगदान :
डॉ. वेद भारद्वाज का परिचय देते हुए उपलब्धि भारद्वाज ने बताया कि वे कुष्ठ रोग अनुसंधान के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक थे। उन्होंने 110 से अधिक शोधपत्र लिखे तथा राष्ट्रीय जालमा कुष्ठ एवं अन्य माइकोबैक्टीरियल रोग संस्थान के निदेशक के रूप में सेवाएं दीं। उन्होंने एस.एन. मेडिकल कॉलेज, आगरा से लेकर टोक्यो कैंसर संस्थान और लंदन के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल रिसर्च तक कार्य किया। वर्ष 1977 से वे कुष्ठ सेवा सदन, आगरा से जुड़े और कुष्ठ रोगियों की सेवा में सक्रिय रहे। उनके सेवा कार्यों को मदर टेरेसा का आशीर्वाद भी प्राप्त हुआ था।
डॉ. राजीव पचौरी को डॉ. वेद भारद्वाज सम्मान :
समारोह में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए वरिष्ठ नाक-गला रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव पचौरी को डॉ. वेद भारद्वाज सम्मान-2026 से सम्मानित किया गया।
इससे पूर्व मुख्य अतिथि प्रो. एसपी सिंह बघेल और संस्था की सचिव डॉ. मधु भारद्वाज ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं स्वर्गीय डॉ. वेद भारद्वाज के चित्र पर माल्यार्पण कर तथा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. एएस सचान ने स्वागत उद्बोधन दिया। सचिव एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. मधु भारद्वाज ने अतिथियों का स्वागत किया। गरिमा भारद्वाज ने संस्था का परिचय दिया। कार्यक्रम का संचालन श्रीकृष्ण ने किया तथा संकल्प भारद्वाज ने आभार व्यक्त किया। जी.एस. मनराल, गुल मोहम्मद और शिव शंकर बघेल ने व्यवस्थाएं संभालीं।
बॉक्स : स्वस्थ भारत की आधारशिला है स्वच्छता :
आगरा। ‘विभिन्न बीमारियों से बचाव में स्वच्छता की भूमिका’ विषय पर आयोजित विज्ञान व्याख्यान-माला में मुख्य वक्ता डॉ. मुनीश्वर चतुर्वेदी ने स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारा शौचालय हमारे ड्राइंग रूम से बेहतर होना चाहिए। पूर्व आईएएस शशिकांत शर्मा ने बढ़ती जनसंख्या को स्वच्छता के सामने एक बड़ी चुनौती बताया।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और समाजसेवियों ने कहा कि अधिकांश संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए स्वच्छता सबसे सस्ता और प्रभावी उपाय है। नियमित रूप से हाथ धोने से डायरिया, टायफाइड और कई वायरल संक्रमणों से बचाव में मदद मिलती है। स्वच्छ पेयजल और खुले में शौच से मुक्ति से अनेक संक्रामक रोगों का खतरा कम किया जा सकता है। व्यक्तिगत स्वच्छता के साथ सामुदायिक स्वच्छता भी स्वस्थ भारत की आधारशिला है।
व्याख्यान-माला में डॉ. डीवी शर्मा, अरुण डंग, डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा, आगरा आकाशवाणी के पूर्व केंद्र निदेशक नीरज जैन, अशोक अश्रु, डॉ. यशोयश, दीपक प्रहलाद, डॉ. गिरजा शंकर शर्मा, डॉ. भानु प्रताप सिंह और किरन शर्मा सहित अन्य वक्ताओं ने विचार रखे।
रिपोर्ट : असलम सलीमी



