भाषा विज्ञान विभाग को राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धि, SCONLI-17 की मेजबानी का मिला अवसर

 


हिन्दुस्तान वार्ता। ✍️  प्रो. नीलम यादव

आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के के.एम. इंस्टीट्यूट ऑफ हिंदी एवं भाषाविज्ञान के भाषाविज्ञान विभाग को राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण अकादमिक उपलब्धि हासिल हुई है। विभाग को Students’ Conference of Linguistics in India (SCONLI-17) के आयोजन की मेजबानी मिली है। सम्मेलन का आयोजन 25 से 27 फरवरी 2027 तक के.एम. इंस्टीट्यूट ऑफ हिंदी एवं भाषाविज्ञान, पालीवाल पार्क परिसर में प्रस्तावित है।

सम्मेलन के आयोजन के लिए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत भारतीय भाषा संस्थान (CIIL), मैसूर की ओर से शैक्षणिक सहयोग के साथ ₹3 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान करने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। CIIL द्वारा 11 सितंबर 2026 को जारी पत्र में इसकी जानकारी दी गई है। वित्तीय सहायता नियमानुसार प्रतिपूर्ति के आधार पर PFMS के माध्यम से प्रदान की जाएगी।

SCONLI-17 की मेजबानी प्राप्त करने की प्रक्रिया में विभाग के शोधार्थियों की सक्रिय अकादमिक सहभागिता महत्वपूर्ण रही। विभिन्न संस्थानों और विश्वविद्यालयों के बीच हुई वोटिंग प्रक्रिया तथा अकादमिक एवं तार्किक प्रश्नों के उत्तर के आधार पर सम्मेलन के मेजबान संस्थान का चयन किया गया। इस प्रक्रिया में विश्वविद्यालय के भाषाविज्ञान विभाग के शोधार्थी सूर्यमणि कुमार ने विभाग की ओर से प्रभावी सहभागिता की और पूछे गए अकादमिक एवं तार्किक प्रश्नों के उत्तर प्रस्तुत किए।

शोधार्थी की शोध-निर्देशक एवं विभागाध्यक्ष प्रो. नीलम यादव के मार्गदर्शन में विभाग की अकादमिक क्षमता, शोध गतिविधियों तथा सम्मेलन के आयोजन से संबंधित विभिन्न पक्षों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। शोधार्थी और विभागाध्यक्ष के समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप विभाग को SCONLI-17 की मेजबानी का अवसर प्राप्त हुआ।

सम्मेलन में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों से भाषाविज्ञान के विद्यार्थी, शोधार्थी और विशेषज्ञ शामिल होंगे। सम्मेलन के दौरान भारतीय भाषाओं सहित भाषाविज्ञान के विभिन्न समकालीन एवं शोधपरक विषयों पर विचार-विमर्श और अकादमिक संवाद किया जाएगा।

विभाग के लिए यह उपलब्धि राष्ट्रीय स्तर पर अकादमिक सहभागिता और शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। साथ ही, सम्मेलन की मेजबानी से शोधार्थियों को देशभर के भाषाविज्ञान विशेषज्ञों और अन्य शोधार्थियों के साथ संवाद एवं अपने शोध कार्य प्रस्तुत करने का अवसर भी मिलेगा।

लेखिका - विभागाध्यक्ष,भाषा विज्ञान विभाग,के.एम.आई.

डॉ.भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय,आगरा हैं।