इस्कॉन ने युवा पीढ़ी को संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने के लिए शुरू किया अभियान
13 दिसंबर को सूरसदन में होगा पुरस्कार वितरण समारोह
हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा। युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों से जोड़ने के उद्देश्य से इस्कॉन द्वारा गीता ओलम्पियाड का आयोजन किया जा रहा है। 13 दिसंबर को सूरसदन में इंटरनेशनल गीता ओलम्पियाड के पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन होगा। इसके आमंत्रण पत्र का विमोचन श्रीजगन्नाथ मंदिर परिसर में किया गया।
इस अवसर पर इस्कॉन मंदिर के अध्यक्ष अरविन्द स्वरूप प्रभु ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता जीवन की कठिन परिस्थितियों में सही मार्गदर्शन देने वाला ग्रंथ है। मोह, चिंता, असमंजस और कर्तव्य को लेकर उत्पन्न होने वाले द्वंद्व का समाधान भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता के माध्यम से समझाया। गीता की शिक्षाएं केवल युद्धभूमि तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामान्य जीवन में भी सही दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा देती हैं।
उन्होंने बताया कि युवा पीढ़ी भारतीय परंपराओं, संस्कृति और संस्कारों से जुड़ी रहे, इसके लिए शहर के विभिन्न स्कूलों में गीता सार की कक्षाएं आयोजित कर नैतिक, सामाजिक और पारिवारिक शिक्षा दी जा रही है। ओलम्पियाड में विजेता प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे।
समाजसेवी नितेश अग्रवाल और सेन्ट एन्ट्रूज पब्लिक स्कूल के निदेशक गिरधर शर्मा ने कहा कि गीता कर्म करने की प्रेरणा देती है। बच्चों को संस्कृति और संस्कारों से दूर होने से रोकना समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि गीता ओलम्पियाड आने वाली पीढ़ी को जागरूक करने का एक प्रयास है। इससे टूटते परिवार, पारिवारिक कलह, तलाक, अकेलेपन और वृद्धाश्रम जैसी सामाजिक समस्याओं को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। गीता का संदेश है कि व्यक्ति का नियंत्रण उसके प्रयास पर है, परिणाम पर नहीं। यह विचार तनाव और असफलता के भय को कम करने में सहायक है।
चार वर्गों में होगी प्रतियोगिता :
इस्कॉन की अदिति गौरांगी ने बताया कि इस वर्ष गीता ओलम्पियाड चार वर्गों में आयोजित होगा। प्रथम वर्ग में कक्षा 1-2, द्वितीय वर्ग में कक्षा 3-5, तृतीय वर्ग में कक्षा 6-8 और चतुर्थ वर्ग में कक्षा 9-12 के विद्यार्थी शामिल होंगे। इस वर्ष आगरा के करीब 40 हजार विद्यार्थियों को ओलम्पियाड से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि शहर के करीब 100 छोटे-बड़े स्कूलों में, मिशनरी स्कूलों को छोड़कर, कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए गीता सार की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। कक्षा के एक सप्ताह बाद 50 अंकों की परीक्षा आयोजित की जाती है और इसके बाद विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है। जिन स्कूलों में कक्षाएं संचालित करने की अनुमति नहीं मिलती, वहां विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन कक्षाओं की व्यवस्था भी की जा रही है।
विद्यार्थी 40 रुपये में बारकोड के माध्यम से अथवा 9927091147, 8958982047 और 9897646412 नंबरों पर संपर्क कर पंजीकरण करा सकते हैं।
कार्यक्रम में आशू मित्तल, ओमप्रकाश अग्रवाल, राजेश उपाध्याय, रवि नारंग विश्वास, शाश्वत नन्दलाल, सुशील अग्रवाल, शशि सारस्वत, मनमोहिनी, अदिति गौरांगी, राजेश और सूरज, यश सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

