सवर्ण आयोग के गठन,आरक्षण व्यवस्था में सुधार और EWS को सरल बनाने की मांग उठाई
हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
दिल्ली/आगरा,1अक्टूबर। कोठी मीना बाजार,आगरा में प्रस्तावित सवर्ण महापंचायत को लेकर सवर्ण समाज, करणी सेना, जायसवाल एवं जैन समाज समेत विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रतिनिधि मंडल ने दिल्ली,केंद्रीय मंत्री श्री गिरिराज सिंह से मुलाकात की। प्रतिनिधि मंडल ने सवर्ण समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों और मांगों को लेकर केंद्रीय मंत्री के साथ विस्तृत चर्चा की।
बैठक में प्रमुख रूप से UGC रोलबैक, SC/ST एक्ट में आवश्यक सुधार, इसके संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रभावी प्रावधान, आरक्षण व्यवस्था में सुधार, उत्तर प्रदेश में सवर्ण आयोग के गठन तथा EWS व्यवस्था को सरल एवं सुगम बनाने की मांग रखी गई।
प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि सवर्ण समाज से जुड़े विभिन्न विषयों के समाधान के लिए प्रभावी संस्थागत व्यवस्था की आवश्यकता है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश में सवर्ण आयोग के गठन की मांग को भी प्रमुखता से रखा गया। प्रतिनिधि मंडल के अनुसार,आयोग के माध्यम से समाज से जुड़ी समस्याओं और शिकायतों को एक उचित एवं संस्थागत मंच मिल सकेगा।
प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि समान अवसर,न्यायसंगत व्यवस्था और समाज के सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए संबंधित विषयों पर सरकार की ओर से सकारात्मक पहल की आवश्यकता है।
केंद्रीय मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने प्रतिनिधि मंडल की मांगों और बातों को गंभीरता से सुना। प्रतिनिधि मंडल के अनुसार, केंद्रीय मंत्री ने संबंधित विषयों पर उचित स्तर पर विचार एवं आवश्यक पहल का आश्वासन दिया।
बैठक के बाद प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि UGC रोलबैक समेत अन्य मांगों को लेकर लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से प्रयास जारी रहेंगे। आगे की रणनीति को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों और प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श के बाद सामूहिक निर्णय लिया जाएगा।
बैठक में करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजीव चौहान, प्रदेश अध्यक्ष संजय चौहान, प्रदेश अध्यक्ष युवा मोर्चा नरेंद्र सिंह जसावत, जिलाध्यक्ष आगरा धर्मेन्द्र परमार, युवा प्रदेश अध्यक्ष (प.ऊ.) करन सिंह तोमर, प्रमुख समाजसेवी अजय कुमार चौहान, जायसवाल-जैन समाज कार्यकारिणी अध्यक्ष अजय जैन, भारतीय किसान यूनियन भानु के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक चौहान, संजय सेंगर, रवि भदौरिया, युवा जिलाध्यक्ष यशपाल चौहान, अनिल तोमर सहित लगभग 25 सदस्यीय संयुक्त प्रतिनिधि मंडल मौजूद रहा।

