आकाशवाणी के 90 वर्ष पूर्ण होने पर सजी सुगम संगीत संध्या

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा। आकाशवाणी के 90 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रविवार को बालूगंज स्थित सेंट जॉर्जेस कॉलेज प्रेक्षागृह में भव्य सुगम संगीत संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संगीत, ग़ज़ल और कव्वाली की मनमोहक प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को देर तक बांधे रखा।

कार्यक्रम का शुभारंभ आकाशवाणी आगरा के क्लस्टर हेड एवं उप महानिदेशक मयंक ने किया। सहायक निदेशक अनेन्द्र सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि आकाशवाणी पिछले 90 वर्षों से सूचना, शिक्षा और मनोरंजन के माध्यम से जनमानस के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।

कार्यक्रम का संचालन श्रीकृष्ण एवं हरप्रीत कौर ने किया। शुभ्रा तलेगांवकर ने ‘सर्वेश्वरी जगदीश्वरी हे’ भजन प्रस्तुत कर कार्यक्रम की भावपूर्ण शुरुआत की। इसके बाद सुधीर नारायण ने अपनी ग़ज़लों - “खामोश लब हैं झुकी है पलकें”, “कोई उम्मीद बर नहीं आती, कोई सूरत नज़र नहीं आती” तथा “हम तो ये समझते हैं न ज़मीं है न गगन है”  की प्रस्तुति से श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी।

कार्यक्रम के अंतिम एवं बहुप्रतीक्षित चरण में फतेहपुर सीकरी से पधारे प्रसिद्ध कव्वाल सलीम हसन चिश्ती एवं साथियों ने मशहूर कव्वाली “छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाइके” प्रस्तुत कर पूरे सभागार को सूफियाना रंग में रंग दिया। उनकी प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया।

इस अवसर पर शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन में वरिष्ठ पत्रकार डॉ.महेश धाकड़,शायर अरविंद दोहरे'समीर' आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।कार्यक्रम के अंत में आकाशवाणी के सहायक निदेशक अनेन्द्र सिंह ने सभी अतिथियों एवं श्रोताओं का धन्यवाद ज्ञापित किया।