हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा। हज़रत सैय्यदना शाह अमीर अबुल उला (रह.) के पीर हज़रत अब्दुल्लाह शाह अहरारी (दादा पीर) (रह.) का उर्स अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर 10 मई 2026 को दादा पीर की दरगाह पर फातिहा, चादरपोशी, गुलपोशी और खास दुआओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम सैय्यद मोहतशिम अली अबुल उलाई (सज्जादा नशीन एवं मुतवल्ली) की सरपरस्ती में संपन्न हुआ।
इस दौरान सैय्यद विरासत अली अब्दुल्ला उलाई, सैय्यद इशाअत अली अबुल उलाई एवं सैय्यद कैफ अली अबुल उलाई (नायब सज्जादगान) ने दरगाह पर हाज़िरी देकर दुआएं कीं। कार्यक्रम में सूफी हज़रात, कुर्बान उस्मानी, राशिद, हफीज़, मुरीदीन और बड़ी संख्या में ज़ायरीनों ने शिरकत की।
वहीं दरगाह हज़रत सैय्यदना शाह अमीर अबुल उला (रह.) आगरा में बाद नमाज़-ए-असर महफिल-ए-समां का आयोजन हुआ। इसके साथ चादरपोशी, गुलपोशी और खुसूसी दुआओं का सिलसिला चला तथा लंगर भी तक्सीम किया गया।
इस मौके पर ज़ाकिर अली दानिश, सैय्यद अरीब अली, सैय्यद शहाब अली कादरी, सैय्यद अज़हर अली कादरी, हाजी इरशाद, हाजी नौशाद सहित अनेक सूफी हज़रात और ज़ायरीनों ने मौजूद रहकर सवाब-ए-दारेन हासिल किया।
रिपोर्ट : असलम सलीमी


