संघर्ष,सपनों और त्याग की भावुक कहानी ने पाठकों को किया आकर्षित
हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
मुम्बई। फ़िल्म और साहित्य जगत में अपनी अलग पहचान बना चुके लेखक-निर्देशक आशीष तिवारी की बहुप्रतीक्षित पुस्तक “घुमन्तु” अब Amazon पर उपलब्ध हो गई है। रिलीज़ के साथ ही यह पुस्तक पाठकों और साहित्य प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।
“घुमन्तु” केवल एक उपन्यास नहीं, बल्कि समाज के उन अनदेखे और अनसुने चेहरों की कहानी है, जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। पुस्तक में संघर्ष, प्रेम, पहचान, सामाजिक विषमताओं और मानवीय संवेदनाओं को बेहद भावुक और प्रभावशाली अंदाज़ में प्रस्तुत किया गया है।
कहानी एक गरीब युवक की प्रेरणादायक यात्रा को दर्शाती है, जो सड़क और अभावों से भरी जिंदगी से निकलकर एक घुमंतू समुदाय की लड़की को अधिकारी बनाने का सपना देखता है। वह अपने सपनों, खुशियों और यहां तक कि अपनी जिंदगी की भी कुर्बानी देकर उसे सम्मान और पहचान दिलाने की कोशिश करता है। यही त्याग, संघर्ष और भावनात्मक जुड़ाव इस कहानी को बेहद मार्मिक बना देता है।
हालांकि लेखक ने कहानी के सभी पहलुओं को सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन पुस्तक को लेकर पाठकों की उत्सुकता लगातार बढ़ रही है। साहित्य प्रेमियों का मानना है कि “घुमन्तु” सिर्फ पढ़ी जाने वाली किताब नहीं, बल्कि महसूस की जाने वाली कहानी है, जो पाठकों को समाज और इंसानी रिश्तों को नए नजरिए से देखने पर मजबूर करती है।
लेखक आशीष तिवारी इससे पहले भी सामाजिक विषयों और वास्तविक घटनाओं से प्रेरित रचनात्मक कार्यों को लेकर चर्चाओं में रहे हैं। उनकी लेखनी की सबसे बड़ी विशेषता आम इंसान के संघर्ष और भावनाओं को सरल, संवेदनशील और प्रभावशाली शब्दों में प्रस्तुत करना मानी जाती है।
सोशल मीडिया पर भी पुस्तक को सकारात्मक प्रतिक्रियाएँ मिल रही हैं। कई पाठकों ने इसे भावनात्मक, प्रेरणादायक और दिल को छू लेने वाली कहानी बताया है।
साहित्य और सिनेमा दोनों क्षेत्रों में सक्रिय आशीष तिवारी की यह नई कृति युवा पाठकों के साथ-साथ समाज और मानवीय संवेदनाओं को गहराई से समझने वाले लोगों को भी आकर्षित कर सकती है। “घुमन्तु” अब Amazon पर ऑनलाइन उपलब्ध है।
रिपोर्ट : शिव कुमार राजपूत

