प्राचीन पुष्टिमार्गीय श्रीठाकुर मथुराधीश जी महाराज के मंदिर में पुरुषोत्तम मास के दौरान आज भक्तिबाव से मनाया श्रीठाकुर मथुराधीश जी महाराज का प्राकट्योत्यव
हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा। यमुना किनारा स्थित प्राचीन पुष्टिमार्गीय श्रीठाकुर मथुराधीश जी महाराज के मंदिर आज भक्ति बाव के साथ श्रीमथुराधीश जी महाराज का प्राकट्योत्सव मनाया गया। ढोलक और मंजीरों पर कीर्तन के साथ भक्तों ने नृत्य भी किया। बधाईयां गाई। आज ठाकुर जी का विशेष गुंजा व मोगरा के पुष्पों से स्रंगार किया गया। सम्पूर्ण मंदिर पुष्पों सी सुगंध से भक्ति की तरंगों से महक रहा था।
यमुना भक्त बृज खंडेलवाल व मंदिर के महन्त ननंद श्रोत्रिय ने जानकारी देते हुए बताया कि पुष्टिमार्गीय संप्रदाय में पुरुषोत्तम मास को मनोरथों का मास कहा जाता है क्योंकि ठाकुरजी की सेवा में प्रतिदिन नए-नए मनोरथ आयोजित किए जाते हैं। इनमें फूल बंगला मनोरथ अत्यंत मनोहर और लोकप्रिय है। इस मनोरथ में ठाकुरजी श्री मथुराधीश जी महाराज को पूर्णतः फूलों से सुसज्जित किया जाता है। मंदिर की हवेली में एक सुंदर बंगला या मंडप तैयार किया जाता है।
यह मनोरथ ग्रीष्म ऋतु की उष्णता को शीतल करने का भाव भी लिए हुए है। फूलों की शीतलता, उनकी सुगंध और नयनाभिराम दृश्य ठाकुरजी को सुख पहुँचाते हैं। यह भावना पुष्टिमार्ग की सेवा की मूल भावना के अनुरूप है, जिसमें प्रभु के सुख को ही भक्त का परम लक्ष्य माना गया है। पुष्टिमार्ग के संस्थापक श्रीमद् वल्लभाचार्यजी ने सेवा को साधना का सर्वोच्च रूप माना है। उनके द्वारा प्रतिपादित अष्टयाम सेवा पद्धति में प्रभु को दिन के आठ पहरों में भिन्न-भिन्न रूपों में सेवा अर्पित की जाती है। फूल बंग्लो मनोरथ इसी परंपरा का विस्तार है। इसमें भक्तगण फूल चुनते, गूंथते और सजाते हैं। प्रत्येक पुष्प में उनका प्रेम और समर्पण निहित होता है। संध्या आरती के उपरान्त सभी भक्तों प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, राहुल गोयल, संजय बंसल, विकास गुप्ता, प्रशान्त गोयल, शौर्य गोयल, शिल्पा गोयल आदि उपस्थित थे।

