लघु उद्योग भारती के 33वें स्थापना दिवस पर एमएसएमई विकास, आत्मनिर्भर भारत और आगरा के औद्योगिक भविष्य पर मंथन
हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा। लघु उद्योग भारती के 33वें स्थापना दिवस समारोह में प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उद्यमियों के सहयोग से सरकार “उद्योग एक्सप्रेस” को और तेज गति से आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में एमएसएमई सेक्टर की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
वाटर वर्क्स स्थित अग्रवन में आयोजित समारोह “विरासत से विकास तक : आगरा के लघु उद्योगों का स्वर्णिम सफर” विषय पर केंद्रित रहा, जिसमें आगरा के सूक्ष्म, लघु एवं अति सूक्ष्म उद्योगों की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर व्यापक चर्चा हुई।
मुख्य अतिथि जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद उद्योगों के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से प्रदेश में बड़े निवेश आए हैं और आज उत्तर प्रदेश सरप्लस रेवेन्यू वाला राज्य बन चुका है। उन्होंने कहा कि आगरा को एक्सप्रेस-वे, जेवर एयरपोर्ट और अन्य राष्ट्रीय परियोजनाओं से जोड़कर औद्योगिक विकास को नई दिशा दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि बटेश्वर धाम का व्यापक कायाकल्प किया जाएगा और वहां स्थित 101 प्राचीन शिव मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की विशाल प्रतिमा स्थापित की जाएगी। फतेहपुर सीकरी में शीघ्र लाइट एंड साउंड शो भी शुरू होगा, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष मधुसूदन दादू ने की। मंच पर उप्र लघु उद्योग निगम अध्यक्ष राकेश गर्ग, फुटवियर एवं चमड़ा उद्योग परिषद अध्यक्ष पूरन डावर,जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ मंजू भदौरिया, संयुक्त आयुक्त उद्योग अनुज कुमार, भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय सचिव दीपक अग्रवाल, ब्रज प्रांत महामंत्री अमरेंद्र शर्मा, ब्रज प्रांत अध्यक्ष राकेश अग्रवाल, डॉ रंजना बंसल की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं भगवान विश्वकर्मा तथा भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन के साथ हुआ। तत्पश्चात संगठन की 33 वर्षों की गौरवगाथा, उपलब्धियों एवं राष्ट्र निर्माण में एमएसएमई की भूमिका पर विशेष प्रस्तुति दी गई।
स्वागत उद्बोधन में जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता ने कहा कि संगठन पिछले 33 वर्षों से राष्ट्रहित, उद्योगहित और समाजहित के भाव के साथ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को संगठित करने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई आज देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1993-94 में आर्थिक उदारीकरण के दौर में छोटे उद्योगों के संघर्ष के बीच राष्ट्रवादी चिंतन से प्रेरित उद्यमियों ने लघु उद्योग भारती की स्थापना की थी। आज संगठन 27 राज्यों और सैकड़ों जिलों में सक्रिय होकर 70 हजार से अधिक उद्योग सदस्यों की आवाज बन चुका है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष मधुसूदन दादू ने कहा कि लघु उद्योग भारती केवल संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्रवादी आर्थिक विचारधारा का आंदोलन है। उन्होंने एमएसएमई को भारत की आर्थिक शक्ति बताते हुए युवाओं को उद्यमिता से जुड़ने का आह्वान किया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में राकेश गर्ग ने कहा कि उत्तर प्रदेश एवं देश का औद्योगिक विकास एमएसएमई सेक्टर के बिना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि लघु उद्योग भारती उद्योगों की समस्याओं को नीति निर्माण के केंद्र तक पहुंचाने का कार्य निरंतर कर रही है।
कार्यक्रम के अंतर्गत “विरासत से विकास तक : आगरा के लघु उद्योगों का स्वर्णिम सफर” विषय पर विशेष परिचर्चा एवं मंथन आयोजित किया गया, जिसमें जूता एवं लेदर, पेठा, मार्बल एवं स्टोन हैंडीक्राफ्ट, फाउंड्री एवं इंजीनियरिंग, जरी-जरदोजी, गारमेंट, फूड प्रोसेसिंग एवं अन्य एमएसएमई क्षेत्रों के इतिहास, वर्तमान चुनौतियों तथा भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
वक्ताओं ने कहा कि यदि परंपरागत उद्योगों को आधुनिक तकनीक, बेहतर नीति, निर्यात प्रोत्साहन एवं नवाचार से जोड़ा जाए, तो आगरा देश के सबसे बड़े एमएसएमई मॉडल के रूप में स्थापित हो सकता है। इस दौरान यह भी कहा गया कि आगरा की असली पहचान केवल ऐतिहासिक स्मारकों में नहीं, बल्कि उसके उद्यम, कौशल और उद्योगों की जीवंत परंपरा में बसती है।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए लघु उद्योग भारती के प्रदेश सचिव मनीष अग्रवाल रावी ने कहा कि लघु उद्योग भारती केवल एक औद्योगिक संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्रवादी आर्थिक चेतना का सशक्त मंच है।
कार्यक्रम प्रभारी आलोक अग्रवाल ने कार्यक्रम की सफलता हेतु सभी अतिथियों एवं उद्यमियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम संयोजक नितेश गुप्ता ने संगठन की ओर से सभी आगंतुकों, उद्यमियों एवं सहयोगकर्ताओं का धन्यवाद ज्ञापित किया। जिला महासचिव राजीव बंसल एवं कोषाध्यक्ष संजीव जैन ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
कार्यक्रम में आगरा सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल, चैंबर ऑफ़ फ़ूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार भगत, विकास चतुर्वेदी, सिद्धार्थ अग्रवाल, अभिषेक चौरसिया, अभिषेक जैन, आगरा व्यापार मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जय पुरसनानी, डॉ.मुनीश्वर गुप्ता,प्रो.(डॉ.)कैलाश चंद्र सारस्वत, किशोर खन्ना,सौरभ सिंघल,पंकज गोयल,अमूल्य कक्कड़ आदि उपस्थित रहे।
आगरा के जूता एवं लेदर उद्योग, पेठा उद्योग, मार्बल एवं स्टोन हैंडीक्राफ्ट, फाउंड्री एवं इंजीनियरिंग, फूड प्रोसेसिंग, जरी-जरदोजी, गारमेंट, सिल्वर एवं अन्य एमएसएमई क्षेत्रों से जुड़े उद्यमियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर उद्योगों के विकास एवं विस्तार पर अपने विचार प्रस्तुत किए।



