251 महिलाओं की भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ



हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा, 8 जून। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर प्राचीन सीताराम मंदिर, वजीरपुरा में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा महोत्सव का शुभारंभ सोमवार को 251 महिलाओं की भव्य मंगल कलश यात्रा के साथ हुआ। सिर पर मंगल कलश धारण कर निकली महिलाओं ने भजन-कीर्तन, शंखनाद और जयघोषों के बीच पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।

मंदिर परिसर से प्रारंभ हुई कलश यात्रा जज कंपाउंड एवं वजीरपुरा क्षेत्र के विभिन्न मार्गों से होकर पुनः मंदिर पहुंची। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया।

कलश यात्रा के उपरांत कथा व्यास भागवताचार्य पूज्य श्री चैतन्य हरिचरत जी महाराज (गोवर्धन धाम) ने कथा का शुभारंभ करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण भगवान श्रीकृष्ण का साक्षात स्वरूप है। कलियुग में भागवत कथा मनुष्य को भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के मार्ग पर अग्रसर करती है तथा जीवन के विकारों को दूर कर ईश्वर के प्रति प्रेम एवं समर्पण का भाव जागृत करती है।

उन्होंने कहा कि पुरुषोत्तम मास भगवान श्रीहरि को समर्पित है और इस मास में किए गए जप, तप, दान तथा कथा श्रवण का पुण्य अनेक गुना बढ़कर प्राप्त होता है। कथा आयोजन पितरों की पुण्य स्मृति को समर्पित है, जो उनके प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का श्रेष्ठ माध्यम है।

कार्यक्रम संयोजक मनीष अग्रवाल ने बताया कि 8 से 15 जून तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से सायं 7 बजे तक कथा का आयोजन होगा। महंत अनंत उपाध्याय ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा अमृत का लाभ लेने का आह्वान किया।

कथा के मुख्य यजमान निरंजन लाल सारस्वत एवं आशा सारस्वत हैं। इस अवसर पर सुजाता अग्रवाल, ममता, वंदना, राधिका, नीतू, आकांक्षा, भावना, नीलम, पूनम, सोनिया, सारिका, रेनू गोयल, शिप्रा, शिल्पी, अपूर्व मित्तल, विक्रम सिंह, अंबा प्रसाद गर्ग, अरुण गर्ग, मनोज गुप्ता, विनीत सिंघल, शेखर गोयल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित