हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा, 2 जून। आगरा के ऐतिहासिक एवं प्रमुख सार्वजनिक उद्यान पालीवाल पार्क में विशाल अफ्रीकी घोंघे (जायंट अफ्रीकन लैंड स्नेल) के पाए जाने से पर्यावरणविदों ने चिंता जताई है। पर्यावरण प्रेमी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता के.सी. जैन ने पार्क में इस विदेशी आक्रामक प्रजाति के दो जीवित नमूने मिलने की जानकारी दी है।
के.सी. जैन के अनुसार पालीवाल पार्क के यमुना गेट से प्रवेश करने पर पैदल मार्ग के निकट उन्हें विशाल अफ्रीकी घोंघे दिखाई दिए। उन्होंने इनके फोटो भी लिए। आकार-प्रकार और विशेषताओं के आधार पर यह प्रजाति जायंट अफ्रीकन लैंड स्नेल (Lissachatina fulica) प्रतीत होती है, जिसे विश्व की सबसे खतरनाक आक्रामक विदेशी प्रजातियों में शामिल किया जाता है।
उन्होंने बताया कि यह घोंघा मूल रूप से अफ्रीका का निवासी है, लेकिन अब भारत के कई राज्यों में फैल चुका है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता अत्यधिक तेजी से प्रजनन करना है। यह पौधों, फूलों, सब्जियों, नर्सरी के पौधों तथा नई वनस्पतियों को नुकसान पहुंचाकर उद्यानों और हरित क्षेत्रों के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।
जैन ने कहा कि पालीवाल पार्क शहर का महत्वपूर्ण हरित क्षेत्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिक, बच्चे, वरिष्ठ नागरिक और प्रकृति प्रेमी आते हैं। पार्क में विविध प्रकार के वृक्ष-पौधे एवं जैव विविधता मौजूद है। ऐसे में किसी विदेशी आक्रामक प्रजाति की उपस्थिति को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी बताया कि वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार यह प्रजाति कुछ परजीवियों की वाहक हो सकती है। इसलिए लोगों को ऐसे घोंघों को नंगे हाथों से छूने से बचना चाहिए तथा दिखाई देने पर संबंधित विभाग को सूचना देनी चाहिए।
के.सी. जैन ने वन विभाग, उद्यान विभाग, नगर निगम और जिला प्रशासन से पालीवाल पार्क एवं आसपास के क्षेत्रों का तत्काल सर्वेक्षण कराने, इस प्रजाति की संख्या का आकलन करने, आवश्यकता पड़ने पर नियंत्रण अभियान चलाने तथा कर्मचारियों एवं नागरिकों को जागरूक करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय जैव विविधता को बाहरी आक्रामक प्रजातियों से बचाना भी उतना ही आवश्यक है। पालीवाल पार्क में इस प्रजाति की मौजूदगी एक चेतावनी है, जिस पर समय रहते ध्यान दिया जाना चाहिए।
रिपोर्ट : असलम सलीमी

