श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर के 40वें स्थापना दिवस पर स्मारिका का हुआ विमोचन


मंदिरों के इतिहास पर पुस्तकों का प्रकाशन समय की आवश्यकता

मंदिर के इतिहास के साथ सनातन धर्म पर आधारित महत्वपूर्ण आलेखों का संकलन

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा, 14 जून। मंदिर सनातन संस्कृति के मूल आधार हैं। मंदिरों से जहां भक्ति और आध्यात्म का संदेश प्रसारित होता है, वहीं सत्य सनातन धर्म की परंपराएं भी जीवंत रहती हैं। नई पीढ़ी को संस्कारित करने का कार्य देवालयों के माध्यम से होता है, इसलिए मंदिरों के इतिहास एवं उनकी परंपराओं पर आधारित पुस्तकों का प्रकाशन समय की आवश्यकता है। इससे युवा पीढ़ी अपने धार्मिक स्थलों के प्रमाणिक इतिहास से परिचित हो सकेगी।

यह विचार रविवार को कमला नगर स्थित ई-ब्लॉक के श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में आयोजित स्मारिका 'शांताकारं भुजगशयनम्' के विमोचन समारोह में व्यक्त किए गए। इस अवसर पर मंदिर का 40वां स्थापना दिवस भी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत हवन, पूजन एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी कांता प्रसाद अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं में आध्यात्म के प्रति रुचि तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में धार्मिक साहित्य और मंदिरों के इतिहास को संरक्षित कर समाज के समक्ष प्रस्तुत करना आवश्यक है।

स्मारिका के मार्गदर्शक एवं वरिष्ठ पत्रकार आदर्श नंदन गुप्ता ने कहा कि धर्म समाज को दिशा प्रदान करता है और देवालय उसके प्रमुख केंद्र होते हैं। इसलिए इन धार्मिक स्थलों के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार की महती आवश्यकता है।

समारोह की अध्यक्षता मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल ने की, जबकि मंदिर के उपासक आचार्य विष्णुदत्त शास्त्री विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

स्मारिका के संपादक द्वय राजकुमार अग्रवाल एवं जेपी शर्मा ने बताया कि 'शांताकारं भुजगशयनम्' नामक यह रंगीन स्मारिका 140 पृष्ठों की है। इसमें मंदिर के इतिहास, उसकी परंपराओं तथा सनातन धर्म से संबंधित महत्वपूर्ण आलेखों का संकलन किया गया है। स्मारिका के प्रकाशन में वरिष्ठ पत्रकार आदर्श नंदन गुप्ता का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

इस अवसर पर मुकेश कुमार अग्रवाल, के.जी. अग्रवाल, रंगेश त्यागी, आर.पी. अग्रवाल, महेशचंद्र अग्रवाल, प्रेम सागर अग्रवाल, महावीर प्रसाद, गोपाल प्रसाद, सीए राम कुमार, अनुपम अग्रवाल सहित अनेक श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।