भारत-श्रीलंका साझा विरासत : आईओटी समुदाय के भव्य इवेंट व भरतनाट्यम ने रचा इतिहास



हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

कोलंबो। भारत और श्रीलंका के बीच सदियों पुराने अटूट सांस्कृतिक संबंधों और विकास की साझी यात्रा का एक अद्भुत नजारा राजधानी कोलंबो में देखने को मिला। यहां जहां एक ओर भारतीय मूल के तमिल (आईओटी) समुदाय की 'अप-कंट्री एजुकेशन डेवलपमेंट सोसाइटी' (यूईडीएस) ने भव्य समारोह के साथ अपनी सफलता के 20 गौरवशाली वर्ष पूरे किए, वहीं दूसरी ओर भारत-श्रीलंका के 5,000 नर्तकों ने 'सबसे बड़ी भरतनाट्यम क्लास' का आयोजन कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया। दोनों देशों के कलाकारों और मेधावियों के इस ऐतिहासिक संगम ने कला, शिक्षा और आपसी जुगलबंदी की एक नई गाथा लिख दी है। 

श्रीलंका में भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा ने  यूईडीएस कार्यक्रम में आईओटी समुदाय को भारत और श्रीलंका के बीच एक जीवंत कड़ी (लिविंग ब्रिज) बताया। उन्होंने शिक्षा और विकास के क्षेत्र में यूईडीएस के दो दशकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि यह समुदाय दोनों देशों के संबंधों को मज़बूती देता है।

कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने एक बयान में कहा उच्चायुक्त झा ने अपने संबोधन में भारत सरकार द्वारा इस समुदाय के कल्याण के लिए चलाई जा रही विभिन्न विकास परियोजनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि भारत सरकार बागान श्रमिकों के लिए आवास निर्माण, स्कूलों के बुनियादी ढांचे का विकास और आधुनिक शैक्षणिक उपकरणों की आपूर्ति के लिए लगातार प्रतिबद्ध है।

उच्चायुक्त ने 'सीलोन एस्टेट वर्कर्स एजुकेशनल ट्रस्ट' छात्रवृत्ति कार्यक्रम में हाल ही में किए गए सुधारों पर कहा इसके तहत लाभार्थियों की संख्या 350 से बढ़कर 700 हो गई है और छात्रवृत्ति सहायता राशि में भी वृद्धि की गई है। उन्होंने भारत सरकार के 75 करोड़ रुपये के 'भारतीय मूल के तमिल पैकेज' के तहत लागू किए जा रहे कई प्रोजेक्ट्स,स्कूल के बुनियादी ढांचे के अपग्रेडेशन और 2,000 से अधिक बागान स्कूल शिक्षकों के लिए एसटीईएम प्रशिक्षण पर भी प्रकाश डाला।

बता दें कि भारत व श्रीलंका दोनों पड़ोसी देशों के बीच सदियों पुराने आपसी जन-संबंधों और साझी सांस्कृतिक विरासत का एक गौरवपूर्ण इतिहास रहा है। यूईडीएस समारोह से इतर कोलंबो के ऐतिहासिक गॉल फेस ग्रीन मैदान पर भारत और श्रीलंका की अटूट और साझा सांस्कृतिक विरासत का एक अद्भुत और भव्य नजारा देखने को मिला, जिसमें दोनों देशों के एक संयुक्त कार्यक्रम में 5,000 से अधिक नर्तक-नर्तकियों ने एक साथ थिरककर 'दुनिया के सबसे बड़े भरतनाट्यम नृत्य पाठ' का नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया। खचाखच भरी भीड़ के सामने यह प्रस्तुति न केवल एक अनूठा वैश्विक रिकॉर्ड बनी,बल्कि इसने कला और संस्कृति के माध्यम से भारत-श्रीलंका के मजबूत होते जन-केंद्रित रिश्तों और अटूट सांस्कृतिक संबंधों को एक नई ऊंचाई प्रदान की।

(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)