फूड एक्सपो के दूसरे दिन उमड़ा व्यापारियों का समूह,पांच हजार से अधिक विजिटर्स पहुंचे

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग उत्तर प्रदेश की नई आर्थिक ताकत बनेगा : धर्मवीर प्रजापति

सरकार की नीति,नेता और नियत उद्यमियों के साथ : राकेश गर्ग

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा। उत्तर प्रदेश फूड एक्सपो एवं कॉन्क्लेव-2026 के दूसरे दिन होटल जेपी पैलेस एवं कन्वेंशन सेंटर में व्यापारियों,उद्यमियों और खाद्य उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का महाकुंभ देखने को मिला। आयोजन में पांच हजार से अधिक विजिटर्स ने भाग लेकर खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े नवाचारों, स्वाद और उद्योग की संभावनाओं का अनुभव किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश के होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि कृषि प्रधान प्रदेश में इस उद्योग के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने, रोजगार सृजन करने तथा स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने "एक जिला-एक व्यंजन" योजना को पारंपरिक उत्पादों के विस्तार का प्रभावी माध्यम बताया।

उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग ने कहा कि वर्तमान सरकार की नीति, नेता और नियत पूरी तरह उद्यमियों के साथ है। आगरा में उद्योगों के पुनर्जागरण का अनुकूल वातावरण तैयार हो चुका है और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र शहर को नई औद्योगिक पहचान देगा।

एक्सपो में उत्तर प्रदेश सहित सात राज्यों से आए 150 से अधिक स्टॉल लगाए गए। सत्तू पेय पदार्थ, पारंपरिक कुल्फी,हाथरस की प्रसिद्ध हींग, मसाले, डेयरी उत्पाद, बेकरी आइटम और आधुनिक पैकेजिंग तकनीकों से जुड़े स्टॉल आकर्षण का केंद्र बने रहे।

डेयरी उद्योग पर आयोजित सत्र में परम डेयरी के महाप्रबंधक विकास पाण्डेय ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश को दुग्ध उत्पादन का सशक्त क्षेत्र बताते हुए गुणवत्ता नियंत्रण की आधुनिक प्रक्रियाओं की जानकारी दी। वहीं ज्ञान घी के अनमोल अग्रवाल ने डेयरी क्षेत्र में उपलब्ध सरकारी योजनाओं और अनुदानों पर प्रकाश डाला।

राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र के प्रधानाचार्य लोकेश सेंगर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सफलता का आधार गुणवत्ता और सुरक्षित पैकेजिंग है। सीए आर.के. जैन ने डेयरी विकास नीति-2022 के तहत विभिन्न परियोजनाओं पर 35 से 50 प्रतिशत तक उपलब्ध अनुदान की जानकारी दी।

उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण विभाग के निदेशक डॉ. एन.पी. सिंह ने उद्यमियों से पीएमएफएमई योजना का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान करते हुए बताया कि यह योजना 30 सितम्बर 2026 तक प्रभावी है।

एमएसएमई विषयक सत्र में लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग प्रदेश के आर्थिक विकास और रोजगार सृजन की रीढ़ हैं। आईएएस रोहित आनंद ने बताया कि प्रदेश में एमएसएमई क्षेत्र करोड़ों लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रहा है। वहीं नटवर गोयल ने महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने पर बल दिया।

अंतिम सत्र में एफएसएसएआई के उत्तरी क्षेत्र कार्यालय,गाजियाबाद द्वारा खाद्य सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें खाद्य लाइसेंस, पंजीकरण, स्वच्छता, लेबलिंग एवं "ईट राइट इंडिया" अभियान की जानकारी दी गई।

इस अवसर पर विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, चैंबर ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के संरक्षक अजय अग्रवाल एवं विष्णु कुमार गोयल, आगरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष टी.एन. अग्रवाल, आगरा सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल, उत्तर प्रदेश वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के महासचिव संदीप उपाध्याय, लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय महासचिव दीपक अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में उद्योगपति एवं उद्यमी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत चैंबर ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार भगत एवं महासचिव अनुज सिंघल ने किया। मुख्य सलाहकार मनीष अग्रवाल ने सत्रों की प्रस्तावना रखी तथा सीएस अनुज अशोक ने मध्यस्थता की। कार्यक्रम का संचालन रीनेश मित्तल ने किया।