शरद पूर्णिमा उत्सव पर चांद की झांकी में सजे श्रीमथुराधीश जी महाराज



हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा। यमुना किनारा स्थित प्राचीन पुष्टिमार्गीय श्रीठाकुर मथुराधीश जी महाराज मंदिर में पुरुषोत्तम मास के अंतर्गत रविवार को शरद पूर्णिमा उत्सव श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर को श्वेत बेला और मोगरा के पुष्पों तथा रंग-बिरंगी रोशनी से आकर्षक ढंग से सजाया गया। भगवान श्रीमथुराधीश जी महाराज को चंद्रमा की झांकी में विराजमान कर विशेष श्रृंगार किया गया।

उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन, संकीर्तन एवं राधा-कृष्ण के जयकारों से भक्तिमय वातावरण बना रहा। महारास की मनमोहक झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। भगवान को खीर का विशेष भोग अर्पित किया गया तथा श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।

यमुना भक्त ब्रज खण्डेलवाल एवं मंदिर के महंत नन्दन श्रोत्रिय ने बताया कि शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से पूर्ण होता है और उसकी चांदनी अमृतमयी मानी जाती है। इसी मान्यता के अनुसार श्रद्धालुओं ने खीर बनाकर उसे चंद्रमा की रोशनी में रखा और बाद में प्रसाद स्वरूप ग्रहण किया।

रात्रि में आयोजित विशेष धार्मिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया तथा भगवान श्रीकृष्ण एवं राधारानी की आराधना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उत्सव का समापन शयन आरती के साथ हुआ।

इस अवसर पर सूर्या श्रोत्रिय, जुगल श्रोत्रिय, आकाश वर्मा, तनु वर्मा, अपाला शर्मा, रोहित गुप्ता सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।