21 प्रभुजनों के प्रवेश के साथ बल्केश्वर में शुरू हुआ अपना घर आश्रम,आगरा को मिली बड़ी सेवा सौगात

संस्था का 72वाँ एवं उत्तर प्रदेश का 19वाँ अपना घर आश्रम हुआ संचालित,अब असहाय एवं आश्रयहीन पुरुषों को स्थानीय स्तर पर मिलेगी उपचार और पुनर्वास की सुविधा

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा,5 जुलाई। माँ माधुरी बृज वारिस सेवा सदन, अपना घर द्वारा रविवार को बलकेश्वर, आगरा स्थित नवस्थापित अपना घर आश्रम में 21 प्रभुजनों के प्रवेश के साथ सेवा कार्यों का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह आश्रम संस्था का 72वाँ तथा उत्तर प्रदेश का 19वाँ अपना घर आश्रम है।

शुभारंभ अवसर पर संस्था की संस्थापक डॉ.माधुरी भारद्वाज, आश्रम स्थापना संयोजक शैलेन्द्र त्यागी एवं संस्था के संरक्षक मोहनलाल अग्रवाल ने प्रभुजनों का तिलक,माल्यार्पण एवं मिठाई खिलाकर आत्मीय स्वागत किया तथा उन्हें सम्मान पूर्वक नए आश्रम में प्रवेश कराया। कार्यक्रम में अपना घर आश्रम महिला शाखा,आगरा के पदाधिकारी एवं शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

नवप्रवेशित सभी 21 प्रभुजन अपना घर आश्रम,भरतपुर से स्थानांतरित होकर आगरा आए हैं। इनमें अधिकांश प्रभुजन आगरा एवं आसपास के क्षेत्रों से संबंधित हैं,जिससे उन्हें अपने गृह क्षेत्र के निकट रहकर बेहतर देखभाल, उपचार और पुनर्वास की सुविधा प्राप्त हो सकेगी।

राष्ट्रीय सचिव विनोद सिंघल ने बताया कि संस्था द्वारा पूर्व से आगरा में महिला अपना घर आश्रम संचालित किया जा रहा है। अब पुरुष अपना घर आश्रम के शुभारंभ से आगरा और आसपास के क्षेत्रों में मिलने वाले आश्रयहीन, असहाय, बीमार एवं मानसिक रूप से अस्वस्थ पुरुष प्रभुजनों को स्थानीय स्तर पर ही आश्रय, चिकित्सा एवं पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इसके साथ ही ऐसे जरूरतमंदों को अब भरतपुर, मथुरा अथवा फिरोजाबाद भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

नवस्थापित आश्रम में 60 बिस्तरों की आवासीय क्षमता विकसित की गई है। आश्रम में चिकित्सा, आवास, विद्युत, पेयजल, भोजन, बेड, गद्दे सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही प्रभुजनों के रेस्क्यू, अस्पताल आवागमन एवं आपातकालीन सेवाओं के लिए एक समर्पित एम्बुलेंस की भी व्यवस्था की गई है।

संस्था का उद्देश्य प्रत्येक आश्रयहीन, असहाय एवं पीड़ित प्रभुजन को सम्मानजनक जीवन, समुचित उपचार, भोजन, वस्त्र एवं सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना है। बलकेश्वर में इस नए आश्रम के प्रारंभ होने से आगरा क्षेत्र के जरूरतमंद प्रभुजनों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।