हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा, 6 जुलाई। शहर को हरित और पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में सोमवार को पालीवाल पार्क से मानसून वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया गया। महापौर श्रीमती हेमलता दिवाकर कुशवाहा ने दुर्लभ देशी प्रजाति अंकोल (Ankol) का पौधा रोपित कर अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रातःकालीन भ्रमणकर्ताओं ने भी पौधारोपण किया।
अधिवक्ता एवं पर्यावरणविद् के.सी. जैन ने बताया कि अंकोल भारत का अत्यंत दुर्लभ देशी वृक्ष है,जिसकी आगरा में संख्या बहुत कम है। पालीवाल पार्क में इसका केवल एक परिपक्व वृक्ष मौजूद है। उन्होंने कहा कि यह वृक्ष कम पानी में भी आसानी से विकसित हो जाता है, अत्यंत मजबूत होता है तथा इसकी जीवित रहने की संभावना लगभग शत-प्रतिशत मानी जाती है। भविष्य में इसे शहर के हरित अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जा सकता है।
वृक्षारोपण के बाद के.सी.जैन ने महापौर को "ग्रीन आगरा–स्वस्थ आगरा" की परिकल्पना पर आधारित कई सुझाव भी दिए। इनमें पूरे शहर में देशी वृक्षारोपण को बढ़ावा देना, वजीरपुरा प्रवेश मार्ग को ग्रीन कॉरिडोर के रूप में विकसित करना, सार्वजनिक पार्कों में आधुनिक झूले एवं ओपन जिम स्थापित करना, पालीवाल पार्क में नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर बनाना, प्रमुख वृक्षों पर नाम एवं उपयोगिता संबंधी पट्टिकाएं लगाना, जैव विविधता को बढ़ावा देना, नगर निगम परिसर में सुव्यवस्थित पार्किंग, आधुनिक प्राणी उद्यान की स्थापना तथा दीर्घकालिक "ग्रीन आगरा मिशन" शुरू करने जैसे प्रस्ताव शामिल रहे।
के.सी.जैन ने कहा कि यदि इन सुझावों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए तो आगरा पर्यावरण संरक्षण, जनस्वास्थ्य और जैव विविधता के क्षेत्र में देश के अग्रणी शहरों में शामिल हो सकता है।
महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने सभी सुझावों को गंभीरता से सुना और पर्यावरण संरक्षण एवं नागरिक हित से जुड़े विषयों पर सकारात्मक विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम में नगर निगम की उप आयुक्त सविता सिंह, किशोर जैन, डॉ. अनिल अग्रवाल, पार्षद धर्मवीर, अधिवक्ता टीकम सिंह कुशवाह,डॉ.मुकुल पंड्या सहित अनेक गणमान्य नागरिक, पर्यावरण प्रेमी एवं प्रातःकालीन भ्रमणकर्ताओं ने सहभागिता की। सभी ने अधिक से अधिक देशी वृक्ष लगाने तथा "ग्रीन आगरा–स्वस्थ आगरा" के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
रिपोर्ट : असलम सलीमी

