हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा। गुरुदीपिका योगक्षेम फाउंडेशन के तत्वावधान में मंगलवार को श्रीगोपालजी धाम,दयालबाग में श्रीगणेश पुराण प्रवचन श्रृंखला का शुभारंभ हुआ। प्रथम दिवस की कथा में कथावाचक डॉ.दीपिका उपाध्याय ने भगवान श्रीगणेश के विभिन्न अवतारों एवं उनके आध्यात्मिक महत्व का विस्तार से वर्णन किया।
उन्होंने बताया कि श्रीगणेश पुराण की कथा राजा सोमकांत और ऋषि भृगु के संवाद से प्रारंभ होती है। कथा के माध्यम से उन्होंने कहा कि मनुष्य के मित्र और शत्रु कोई अन्य नहीं, बल्कि उसके पूर्व जन्मों और पूर्व कर्मों के शुभ-अशुभ फल होते हैं।
प्रवचन के दौरान डॉ. उपाध्याय ने भगवान वेदव्यास द्वारा पुराण लेखन के समय आई बाधाओं तथा भगवान गणेश की आराधना से उनके दूर होने का प्रसंग सुनाया। उन्होंने सिद्धि विनायक, बल्लाल विनायक और चिंतामणि गणेश की स्थापना से जुड़ी कथाओं का भी भावपूर्ण वर्णन किया।
राजा रुक्मांगद की कथा के माध्यम से उन्होंने संदेश दिया कि जीवन में कितनी भी बड़ी विपत्ति आए, धर्म और सत्य के मार्ग से कभी विचलित नहीं होना चाहिए। अंत में मुनि गृत्समद एवं उनके पुत्र की कथा के साथ प्रथम दिवस के प्रवचन को विश्राम दिया गया।
कार्यक्रम में गुरुदीपिका योगक्षेम फाउंडेशन के निदेशक रवि शर्मा ने प्रसाद वितरण की व्यवस्था संभाली। वहीं निदेशक वारिजा चतुर्वेदी ने श्रद्धालुओं से आगामी प्रवचनों में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर आध्यात्मिक लाभ लेने की अपील की।

