बादल राग कार्यक्रम में गूंजे सावन और मल्हार के सुर

 


हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा। साहित्य संगीत संगम संस्था के तत्वावधान में रविवार को भोगीपुरा स्थित ग्रीन हाउस में 'बादल राग' कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में आषाढ़, सावन और भादों पर आधारित रचनाओं, ऋतु गीतों एवं राग मल्हार की संगीतमय प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. राजेंद्र मिलन ने कहा कि पावस ऋतु धरती को नया जीवन देने वाली ऋतु है और बादल उसके पहरुए हैं। मुख्य अतिथि ग्रीन मैन ऑफ आगरा चंद्रशेखर ने कहा कि भारत की छह ऋतुएं प्रकृति की अनमोल धरोहर हैं।

कार्यक्रम का शुभारंभ कुमारी पूजा तोमर ने सरस्वती वंदना से किया। हरीश अग्रवाल 'ढपोर शंख', अशोक अश्रु, सुशील सरित, हरीश भदौरिया, श्रीमती विजया तिवारी, प्रेम सिंह राजावत, डॉ. रमेश आनंद, डॉ. यशोयश तथा अन्य कवियों ने वर्षा ऋतु पर आधारित अपनी रचनाएं और गीत प्रस्तुत किए। वहीं लवेश अग्रवाल, कुमारी पूजा तोमर और सुशील सरित ने राग मल्हार एवं सावन गीतों की संगीतमय प्रस्तुति देकर खूब सराहना बटोरी।

कार्यक्रम में सुधीर शर्मा, सौरभ जी सहित अनेक साहित्य एवं संगीत प्रेमी उपस्थित रहे। संचालन सुशील सरित ने तथा धन्यवाद ज्ञापन हरीश अग्रवाल ने किया।

रिपोर्ट : असलम सलीमी