गणेश कृपा से भोलेनाथ बने 'त्रिपुरारी',गणेश पुराण में गूंजा दिव्य प्रसंग

 

                                   


दयालबाग स्थित श्रीगोपालजी धाम में गणेश पुराण प्रवचन के दूसरे दिन दूर्वार्चन,संकष्टी व्रत और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा। श्रीगोपाल जी धाम,दयालबाग में गुरुदीपिका योगक्षेम फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित गणेश पुराण प्रवचन के दूसरे दिन कथावाचक डॉ. दीपिका उपाध्याय ने बताया कि भगवान श्रीगणेश की कृपा से ही भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का संहार कर 'त्रिपुरारी' की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने कहा कि गणेशजी के वरदान से अहंकारी बने त्रिपुरासुर ने देवताओं, ऋषि-मुनियों और धर्मस्थलों पर अत्याचार किए,जिसके अंत के लिए स्वयं गणेशजी ने ऐसी व्यवस्था बनाई कि उसका मान-मर्दन हुआ और अधर्म का नाश हुआ।

प्रवचन में हिमवान, माता पार्वती, राजा कर्दम और राजा नल के प्रसंगों के माध्यम से गणेश चतुर्थी व्रत एवं आराधना का महत्व बताया गया,साथ ही संकष्टी चतुर्थी, भाद्रपद कृष्ण चतुर्थी और अंगारक चतुर्थी की कथाओं के जरिए धैर्य, संयम और श्रद्धा का संदेश दिया गया।

कथावाचक ने दूर्वार्चन को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए इसे प्रकृति के प्रति आस्था का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि शास्त्रों का श्रवण और सत्कर्म ही मनुष्य के जीवन को सार्थक बनाते हैं तथा पापों से दूर रहने की प्रेरणा देते हैं।

फाउंडेशन की निदेशक वारिजा चतुर्वेदी ने बताया कि गुरुवार से प्रतिदिन प्रातः 9 बजे नियमित दूर्वार्चन प्रारंभ होगा। कथा के समापन पर प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम की व्यवस्थाएं निदेशक रवि शर्मा ने संभाली और सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।