फतेहपुर सीकरी दरगाह के सज्जादानशीन पीरजादा रईस मियां चिश्ती का निधन

 


88 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस, आज असर की नमाज के बाद दरगाह परिसर में सुपुर्द-ए-खाक

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

फतेहपुर सीकरी/आगरा,9 जुलाई। विश्व प्रसिद्ध हजरत शेख सलीम चिश्ती की दरगाह के सज्जादानशीन पीरजादा रईस मियां चिश्ती का बुधवार देर रात लखनऊ के एरा मेडिकल कॉलेज में निधन हो गया। वे 88 वर्ष के थे और कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन से सूफी समुदाय सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।

उनके पुत्र अरशद फरीदी ने बताया कि रईस मियां चिश्ती ने बुधवार रात करीब 11:30 बजे अंतिम सांस ली। उनका जनाजा गुरुवार को असर की नमाज के बाद शाम करीब 5:15 बजे फतेहपुर सीकरी स्थित हजरत शेख सलीम चिश्ती की दरगाह परिसर में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। अंतिम दर्शन और जनाजे में शामिल होने के लिए देशभर से जायरीन, उलेमा एवं विभिन्न सामाजिक-धार्मिक हस्तियां पहुंच रही हैं।

पीरजादा रईस मियां चिश्ती सूफी संत हजरत शेख सलीम चिश्ती की 16वीं पीढ़ी के प्रत्यक्ष वंशज थे। उन्होंने मात्र सात वर्ष की आयु में सज्जादानशीन का दायित्व संभाला और लगभग 81 वर्षों तक इस परंपरा का निर्वहन किया। अपने जीवनकाल में उन्होंने प्रेम, शांति, भाईचारे, इंसानियत, हिंदू-मुस्लिम एकता और गंगा-जमुनी तहजीब के संदेश को निरंतर आगे बढ़ाया।

उनके कार्यकाल में भारत और विदेशों से अनेक राष्ट्राध्यक्ष,प्रधानमंत्री तथा अन्य विशिष्ट हस्तियों ने दरगाह पर जियारत की। अपनी सादगी, आध्यात्मिक मार्गदर्शन और जनसेवा के लिए विख्यात रईस मियां चिश्ती का निधन सूफी परंपरा और देश की साझा सांस्कृतिक विरासत के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनके अनुयायियों ने इसे समाज के लिए एक बड़ी क्षति बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

रिपोर्ट : असलम सलीमी