छत्तीसगढ़ के बाद मध्यप्रदेश में भी चमका पन्ना का हीरा,मदन साहू बने माइनिंग इंस्पेक्टर

                  

                    

     
     

                                                                     

एमपी पीएससी में आठवीं रैंक,साक्षात्कार में सर्वाधिक अंक, स्व-अध्ययन और संघर्ष से हासिल की दोहरी सफलता

श्री साहू ने देश के बड़े 'डिजि.मीडिया न्यूज चैनल & न्यूज एजेंसी' "हिन्दुस्तान वार्ता"(एचवी मीडिया ग्रुप) में पत्रकार के रूप में दीं थीं सेवाएं

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

पन्ना। रत्नगर्भा पन्ना जिले की धरती ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यहां केवल हीरे ही नहीं, बल्कि प्रतिभा के अनमोल हीरे भी जन्म लेते हैं। जिले के ग्राम इटवां खास निवासी मदन साहू का मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) द्वारा घोषित माइनिंग इंस्पेक्टर भर्ती के अंतिम परिणाम में चयन हुआ है। उन्होंने मुख्य चयन सूची में आठवां स्थान प्राप्त किया, जबकि साक्षात्कार में सर्वाधिक अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

इससे पहले मदन साहू का चयन छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के माध्यम से माइनिंग इंस्पेक्टर पद पर पांचवीं रैंक के साथ हुआ था और वर्तमान में वे छत्तीसगढ़ शासन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लगातार दो राज्यों में मिली इस सफलता से पन्ना जिले का गौरव बढ़ा है।

मदन साहू ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शासकीय हाई स्कूल इटवां खास तथा उच्च माध्यमिक शिक्षा शासकीय सरदार पटेल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बृजपुर से प्राप्त की। इसके बाद शासकीय महाराजा महाविद्यालय छतरपुर से स्नातक तथा शासकीय विज्ञान महाविद्यालय जबलपुर से स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने पीजीडीसीए एवं इग्नू से जियोइन्फॉर्मेटिक्स में डिप्लोमा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण किया। डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय,सागर से पीएचडी कोर्सवर्क भी पूरा कर चुके हैं।

शिक्षा के साथ-साथ उन्होंने एमपीएसईडीसी,भोपाल में जीआईएस एग्जीक्यूटिव के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने सीएसआईआर-नेट जेआरएफ में ऑल इंडिया रैंक 96 प्राप्त की तथा वर्ष 2023, 2024 और 2025 में लगातार तीन बार गेट परीक्षा भी उत्तीर्ण की। स्नातक के दौरान वे 25 एमपी बटालियन, छतरपुर में एनसीसी कैडेट रहे और सागर डिवीजन स्तर पर बेस्ट कैडेट अवार्ड से सम्मानित हुए।

मदन साहू की सफलता के पीछे उनके परिवार का संघर्ष भी प्रेरणादायी है। पिता चिरौंजी लाल साहू, माता चंदा साहू और परिवार ने बकरी पालन कर उन्हें उच्च शिक्षा दिलाई तथा सीमित संसाधनों के बावजूद उनका हौसला कभी कम नहीं होने दिया।

मदन साहू ने बताया कि उन्होंने बिना किसी कोचिंग के नौकरी के साथ स्व-अध्ययन करते हुए यह उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और मित्रों के सहयोग एवं मार्गदर्शन को दिया। उनकी इस लगातार दूसरी बड़ी सफलता पर पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है और शुभचिंतक उन्हें बधाइयां दे रहे हैं।